
गढ़चिरौली में मुठभेड़, 72 घंटे में 37 माओवादियों को मार गिराया, 15 के शव इंद्रावती नदी में मिले
रायपुर . छत्तीसगढ़ सीमा पर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन यूनिट द्वारा पिछले 72 घंटों के दौरान चलाए गए अलग-अलग काम्बिंग ऑपरेशन में 37 माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें 19 महिलाएं शामिल हैं। यह माओवादियों के खिलाफ देश में अब तक की गई सबसे बड़ी कार्रवाई है। मंगलवार को सर्चिंग के दौरान को इंद्रावती नदी में 15 माओवादियों के शव बरामद किए गए। इससे पहले रविवार को महाराष्ट्र पुलिस ने 16 माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि की थी। सोमवार को केवटेराम जंगल से 6 माओवादियों के शव सर्चिंग के दौरान बरामद किए गए थे। इस कार्रवाई में माओवादियों के कई बड़े लीडरों के मारे जाने की सूचना है।
[typography_font:14pt;" >महाराष्ट्र पुलिस से इस मुठभेड़ में मारे जाने वालों में डिविजनल कमांडर साईनाथ और श्रीनू भी शामिल थे। दोनों पर राज्य सरकार ने 16-16 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। महाराष्ट्र पुलिस को शक है कि मरने वालों में माओवादी लीडर मुपल्ला गणपति राव उर्फ गणपति भी मौजूद था, हालांकि अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि गणपति प्रतिबंधित सीपीआइ माओवादी का सर्वोच्च लीडर है। गढ़चिरौली के डीआइजी अंकुश शिंदे ने ‘पत्रिका’ को बताया कि हमें इस बात की जानकारी मिली थी कि गणपति कश्वापुर जंगल में माओवादी कैडरों के साथ बैठक ले रहा है।
मारे गए कुल माओवादी - 31
3 घंटे की फायरिंग में महाराष्ट्र पुलिस को कोई क्षति नहीं : महाराष्ट्र पुलिस के कमांडो सी-60 द्वारा रविवार को हुआ ऑपरेशन इस मामले में भी अनोखा रहा है कि इसमें पुलिस का कोई भी जवान न तो शहीद हुआ और न ही घायल। छत्तीसगढ़ सीमा पर दक्षिण गढ़चिरौली के पास स्थित कश्वापुर के जंगल में हुए पहले ऑपरेशन के दौरान लगभग तीन घंटे तक जमकर फायरिंग की गई थी, जिसके बाद 16 माओवादियों के शव बरामद किए गए। फिर पानी बरसने की वजह से सर्चिंग ऑपरेशन रोक दिया गया। जब दोबारा सर्च अभियान चलाया गया तो मंगलवार को 15 और शव बरामद हुए। इस अभियान के बाद माओवादियों से भारी मात्रा में असलहा भी बरामद किया गया है, जिनमें दो एके-47 भी शामिल हैं।
मारे गए कुल माओवादी -6
यह ऑपरेशन भी चौंका देने वाला रहा। रविवार के ऑपरेशन के लगभग 36 घंटे बाद राजाराम खंडाला के जंगलों में सी-60 के जवानों ने 6 और माओवादियों को मार गिराया। मारे जाने वाले माओवादियों में 4 महिलाएं थी। जिस जगह पर यह मुठभेड़ हुई, वह रविवार वाली घटना से केवल 60 किमी दूर था। इनके पास से भी हथियार बरामद हुए हैं।
महाराष्ट्र के डीजीपी शशि माथुर ने बताया कि हमारा अभियान सटीक जानकारियों और हमारे जवानों के सामने माओवादियों के हौसले के पस्त होने का परिणाम है।
सुकमा/नारायणपुर. फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते सुकमा व नारायणपुर के जंगल से पिछले दो दिनों में माओवादी मामले के 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इन पर आगजनी, हमला व फायरिंग के मामले थानों में दर्ज हैं। नारायणपुर जिले के भटबेड़ा के जंगल से पुलिस ने तीन महिला समेत छह माओवादियों को गिरफ्तार किया है। सुकमा के कोंटा इलाके से दो लाख रुपए के इनामी सहित नौ माओवादी आरोपी गिरफ्तार किए गए। इन्हें मंगलवार को न्यायालय से न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।
सोमवार को नारायणपुर जिले के ओरछा थाना से डीएफ व सीएएफ की संयुक्तटीम ने बड़े रायनार में सर्चिंग के दौरान भटबेड़ा के जंगल में जवानों को देखकर छिप रहे संदिग्ध लोगों को घेराबंदी कर पकड़ा। इन्होंने पूछताछ में अपना नाम चैतन कोर्राम उर्फ मुन्ना पिता ढेलू (24), मंगतु कोर्राम उर्फ गंगू पिता दसरू (32), रामबती कोर्राम पिता कटिया (22), सुकमती कोर्राम पिता पण्डरू (22), मसानी कोर्राम पिता दसरू (22), लमड़ी राम कोर्राम उर्फ रत्ति पिता कारिया (28) बड़ेरायनार निवासी बताया।
इन्होंने भट्बेड़ा मिलिशिया सदस्य के तौर पर काम करने की बात भी स्वीकारी। इधर, सुकमा के कोंटा इलाके से सर्चिंग के दौरान डीएफ व सआरपीएफ 217 बटालियन ने दो लाख रुपए के इनामी माओवादियों के प्लाटून नंबर आठ सदस्य मुचाकी कोसा पिता मुचाकी बामू समेत पंच कमेटी सदस्य माड़वी पाण्डू पिता माड़वी हूंगा, जनमिलिशिया सदस्य सोढ़ी लखमा पिता सोढ़ी दुला, मिलिशिया सदस्य मडक़म पोज्जा पिता मडक़म हुंगा, माड़वी सुक्का पिता माड़वी हड़मा, डीकेएमएस सदस्य माड़वी लखमा पिता स्व. माड़वी हांदा, मडक़म भीमा पिता मडक़म कोसा, सीएनएम सदस्य मुचाकी देवा पिता स्व. मुचाकी सुकड़ा व मुचाकी राजा पिता मुचाकी बंडी को गिरफ्तार किया।
Published on:
25 Apr 2018 10:02 am
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