जेनेरिक हो ब्रांडेड दवाएं, क्वालिटी में कोई अंतर नहीं होता। अब तो देश की बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनियां जेनेरिक दवाएं बना रही हैं। ये अलग बात है कि कुछ बीमारी विशेष में अब भी जेनेरिक दवाइयां नहीं आ रही हैं। हालांकि एमआरपी में काफी छूट के साथ ये दवाइयां अस्पतालों में बेची जाती है, लेकिन इसका लाभ मरीजों को कम मिलता है। - डॉ. सीके शुक्ला, रिटायर्ड डीन नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर