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मिलिए रायपुर के शहनवाज प्रधान से जिन्होंने श्रीकृष्णा में किए हैं 4 रोल

शहनवाज ने कई हिंदी फिल्मों और वेबसीरीज में भी निभाए हैं अहम रोल, फैंटम में मिली अलग पहचान।

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मिलिए रायपुर के शहनवाज प्रधान से जिन्होंने श्रीकृष्णा में किए हैं 4 रोल

रामानंद सागर प्रोडक्शन के श्रीकृष्णा में नंदबाबा, चाणूर, राजा बलि और कृष्णा के दादा सूरसेन का रोल किया है।

ताबीर हुसैन @ रायपुर। लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन में कई पुराने हिट धारावाहिकों का री-टेलीकास्ट हो रहा है। इसमें श्रीकृष्णा और अलिफ लैला भी शामिल है। इसमें रायपुर के शहनवाज प्रधान ने कई रोल किए हैं। आज की जनरेशन के लोगों को हम बताना चाहेंगे चर्चित वेबसीरीज मिर्जापुर में आप पुलिस अफसर परशुराम गुप्ता को तो जानते ही होंगे। वही जो फैंटम में हाफिज सईद की भूमिका में नजर आए थे। श्रीकृष्णा डीडी नेशनल में रात नौ बजे प्रसारित हो रहा है। जबकि अरेबियन नाइट्स अलिफ लैला रोजाना सुबह साढ़े दस बजे डीडी भारती दिखाया जा रहा है। दोनों धारावाहिकों में रायपुर के शहनवाज प्रधान ने अहम भूमिकाएं निभाई है। श्रीकृष्णा में नंदबाबा ने उन्हें पहचान दिलाई इस धारावाहिक में कुल 4 रोल किए। श्रीकृष्णा में उनके अभिनय को देखकर ही रामानंद सागर ने अलिफ लैला में लिया था।

हबीब तनवीर थे गुरु
शहनवाज ने बताया कि रविवि में पढ़ाई के दौरान रंगकर्म के पितामाह हबीब तनवीर आए थे। चूंकि मेरी रुचि पहले से ही थियेटर में थी लिहाजा मैं उनकी वर्कशॉप में शामिल हुआ। उन्होंने मुझमें अभिनय की संभावनाएं देखी और आगे चलकर मैं उनके प्रोफेशनल ग्रुप नया थिएटर से जुड़ गया। उनके साथ कई नाटक किए।

ऐसे पहुंचे मुंबई

मुंबई में शहनवाज प्रधान की मौसी रहा करती थीं। हबीब तनवीर के साथ करीब 5 साल तक नाटक करने के बाद शहनवाज के कदम माया नगरी की ओर बढ़े। शुरू में तो हबीब तनवीर राजी नहीं हुई लेकिन शहनवाज की जिद पर मान गए। उन्होंने श्याम बेनेगल और सुधीर मिश्रा के नाम खत शहनवाज को दिया। श्याम बेनेगल से मिलने पर पता चला कि भारत एक खोज का लास्ट एपिसोड कम्पलीट हो रहा है। उन्होंने अगले किसी प्ले में लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद मैं सुधीर मिश्रा के भाई सुधांशु मिश्रा से मि

3 पन्ने की स्क्रिप्ट दी थी रामानंदजी ने

जब मुझे पता चला कि रामानंद सागर श्रीकृष्णा का ऑडिशन ले रहे हैं तो मैं भी पहुंचा। वे अपने बंगले में खुद ऑडिशन ले रहे थे। जब मेरी बारी आई तो पूछा कि कहां से हो? जी रायपुर से, मेरा जवाब था। क्या किए हो? हबीब तनवीर साहब के साथ उनके नाटकों में काम किया हूं। उन्होंने 3 पेज की स्पीच दी। मैंने आधा घंटा उसे पढ़ा ही था कि वे रोक दिए। मैं डर गया कि कुछ गलत तो नहीं पढ़ा। वे कहने लगे कि इससे हटकर कुछ अलग करके दिखाओ। उन्होंने मुझे कैमरे से आजाद करते हुए हंसने, रोने के अलावा कई एक्सप्रेशन कराए। उन्हें लगा कि मैं कर सकता हूं। कृष्णा में नंदबाबा, राजा बलि, शूर सेन और कंस के राइट हैंड चंद्रचूड़ का रोल किया।

अलिफ लैला में लीड रोल
वैसे तो अलिफ लैला के पहले एपिसोड में मैंने वजीर का रोल किया है जिसकी बेटी शहंशाह को कहानी सुनाती है। इसमें मुझे सिंदबाद के रोल ने उस वक्त घरों घर पहचान दिलाई। रामानंद साहब के भाई ने मुझे बताया था कि इस रोल के लिए किसी बड़े एक्टर को हायर करने वाले थे लेकिन रामानंदजी ने मुझे चुना।

फोटो खींचकर भेज रहे
मुझे खुशी होती है जब लोग मेरे अभिनय की तारीफ करते हैं। इन दिनों दोनों सीरियल को शिद्दत के साथ देखा जा रहा है। रायपुर में मेरे जानने वाले तो टीवी की फोटो जिसमें मैं प्ले करते नजर आ रहा हूं, भेज रहे हैं। अच्छा लगता है जब कोई आपकी शुरुआती एक्टिंग को भी सराहे।

फैंटम में हाफिज सईद का रोल, होना पड़ा अंडरग्राउंड

फिल्मों से भी ऑफर शुरू हो चुके थे। प्यार कोई खेल नहीं, ये दिल आशिकाना, रईस, मंटो, हम 4 जैसी फिल्मों में मौका मिला। फैंटम में हाफिज सईद का रोल मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। मुझे आईफा में बेस्ट विलेन के लिए नॉमिनेट किया गया। हाफिज सईद के रोल को बिल्कुल सस्पेंस रखा था। रिलीज के बाद प्रोडक्शन हाउस ने कहा था कि कुछ दिन के लिए किसी का फोन मत उठाना। मैं कुछ दिन सबसे कट कर रहा। हालांकि मैं घबराया नहीं क्योंकि किरदार निभाना तो मेरी तो रोजी-रोटी है। फैंटम में हाफिज का रोल करने के बाद मेरे लिए सिनेरियो चेंज हो गया। वेबसीरीज में के लिए ऑफर आने लगे। मिर्जापुर में करप्ट पुलिस अफसर परशुराम गुप्ता के किरदार ने मुझे युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया। आने वाले दिनों में मैं वेबसीरीज मिर्जापुर-2, फिल्म खुदा हाफिज और डॉली किट्टी में नजर आऊंगा।