
CG News: महापौर एजाज ढेबर ने अमलीडीह में कॉलेज की 9 एकड़ सरकारी जमीन बिल्डर को देने की प्रक्रिया और यूनिपोल घोटाले सहित कई मुद्दे पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। आरोप लगाया कि इन दोनों मामलों में करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम दिया गया है। जमीन आवंटन की जांच सीबीआई से कराई जाए। यूनिपोल घोटाले से निगम को 50 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इसकी कैग से ऑडिट होनी चाहिए। पिछली सरकार की योजनाएं तो बदली जा रही है, परंतु ऐसे मामलों से सरकार पीछे क्यों हट रही है।
महापौर एजाज ढेबर ने शनिवार को निगम मुख्यालय में पत्रकारवार्ता आयोजित कर शहर के चारों विधायकों और मंत्रियों को चौतरफा घेरा। आरोप लगाया कि यही लोग नगर निगम को चल रहे हैं। टेंडर होने से पहले ही चहेते ठेकेदारों को काम मिल जाता है। दबाव में अधिकारी मजबूर हैं। किसी भी काम की जानकारी न महापौर, सभापति और न ही संबंधित एमआईसी सदस्य को होती है।
मच्छर उन्मूलन के नाम पर दुर्ग-भिलाई की एक कंपनी को पायलट प्रोजेक्ट के आड़ में 1.24 करोड़ का ठेका देकर दो महीने में निगम से 65 लाख रुपए का भुगतान करा दिया गया। जबकि पायलट प्रोजेक्ट किसी दो-चार वार्ड या एकाक जोन तक ही सीमित होता है। ये कंपनी कहां किसी वार्ड में मच्छर उन्मूलन की कोई अता-पता नहीं है।
महापौर एजाज ढेबर ने आरोप लगाया कि अमलीडीह में कॉलेज की नौ एकड़ जमीन आवंटन में लगभग 300 करोड़ का घोटाला हुआ है। इसकी सीबीआई से जांच होनी चाहिए। क्योंकि कलेक्टर को 152 प्रतिशत भूभाटक नियम के तहत केवल 7500 वर्गफीट नजूल जमीन आवंटन का अधिकार है।
इससे अधिक रकबे वाली जमीन बिल्डर को कौड़ियों के दर पर आनन-फानन में आवंटित की गई। जबकि ऐसे मामले शासन की पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी जिसमें राजस्व मंत्री, सचिव, प्रमुख और संभागायुक्त राजस्व की बैठक में होने का नियम है। 26 जून को आवंटन का आदेश जारी करने के बाद पिछली सरकार के 152 प्रतिशत भूभाटक नियम को बदला है।
महापौर ने कहा कि मंत्री, विधायक पूरी साजिश के तहत फुटकर व्यापारियों पर कहर बरपा रहे हैं। चूंकि निगम में कांग्रेस परिषद है, इसलिए मनमानी तरीके से कई सालों से ठेले और गुमटियों में कारोबार करने वालों को हटाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर ऐतिहासिक बूढ़ातालाब में दोमंजिला चौपाटी भाजपा सरकार में तैयार कराई जा रही है,जिसके विरोध में पूरा शहर है।
मेयर ने यह भी कहा कि, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार ज़रूरी है। लेकिन फुटकर व्यापारियों के लिए सरकार सबसे पहले एक बड़ी जगह तय कर व्यविस्थत करने के प्लान पर काम करे। मनमानी तरीके से निगम के 70 वार्डों में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अमले से उजड़वाया जा रहा है। लोगों को यह बताया जा रहा है कि निगम में कांग्रेस के महापौर की परिषद ऐसा काम कर रही है। ऐसी साजिश बंद होनी चाहिए।
Published on:
01 Dec 2024 12:05 pm

बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
