
छत्तीसगढ़ में एक मंत्री ऐसा भी जो 2 हजार देकर कहता है- अब ये जमीन मेरी, किसान ने PM से की शिकायत
राजकुमार सोनी@रायपुर. उम्मीद की जाती है कि मंत्रियों का दिल बड़ा होना चाहिए, लेकिन छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति मंत्री दयालदास बघेल ने अपने ही गांव के एक किसान की जमीन हड़प ली है। मंत्री ने 'पत्रिका' से बातचीत में यह स्वीकार भी किया है कि 'हां, मैंने जमीन वापस ले ली है, किसान को 2000 रुपए लौटा दिए हैं।'
नवागढ़ तहसील के ग्राम कुंवरा के किसान धनेशकुमार कोशले ने खेती की जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। कोशले का कहना है कि लगभग 25 साल पहले उसके पिता समेलाल ने दयालदास बघेल के पिता बसावन बघेल से खसरा नंबर 1326 का एक छोटा-सा टुकड़ा (लगभग 75 डिसमिल) महज 12 हजार रुपए में खरीदा था।
जमीन का बयाना देने के बाद उसके पिता बार-बार जमीन की रजिस्ट्री करने का अनुरोध करते रहे, लेकिन बघेल के पिता हमेशा यही कहते थे, 'जमीन तुम्हारी हो चुकी है। जो बोना है, बोते रहो... रजिस्ट्री तो किसी भी समय हो जाएगी और आज तक रजिस्ट्री नहीं हो पाई। अब मंत्री ने उनका खेत हड़पकर बेदखल कर दिया है। दरअसल पहले जमीन की कीमत 12 हजार रुपए थी, लेकिन अब उसकी कीमत दस लाख रुपए से ज्यादा बताई जाती है, इसलिए मंत्री की नीयत बदल गई है।
पीडि़त ने प्रधानमंत्री से की शिकायत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गई शिकायत में कोशले ने कहा कि लगभग दस साल पहले उसके पिता समेलाल का देहांत हो गया, तो वे अपने पिता की जमीन पर खेती करने लगे। इस दौरान वे अपने परिवार वालों को पेट पालने के लिए 10 से 12 क्विंटल का धान पैदा करते रहे। इन सालों में दयालदास बघेल अपना राजनीतिक सफर तय करते हुए गांव के सरपंच से सरकार के मंत्री भी बन गए।
अपने पिता की तरह वे भी दयालदास बघेल से जमीन की रजिस्ट्री करने का अनुरोध करते रहे, लेकिन रजिस्ट्री नहीं की गई। इस मानसून में जब वे अपने खेत में धान बोने के लिए गए, तो मंत्री ने उन्हें खदेड़ दिया। कोशले ने कहा कि उनके पिता ने जैसे-तैसे जमा पूंजी इक_ा करके खेत को खरीदा था, मगर मंत्री के द्वारा खेत हड़प लिए जाने के बाद उनके परिवार के सामने भूख से मरने का संकट खड़ा हो गया है।
जान का खतरा
मंत्री दयालदास बघेल उसी गांव कुंवरा के रहने वाले हैं, जहां मैं रहता हूं। पूरा गांव इस बात को जानता है कि मेरे पिता ने बघेल के पिता से जमीन खरीदी थी। पिता के गुजर जाने के बाद मैं स्वयं खेती-बाड़ी करता रहा हूं। मैंने मंत्री से कई बार अनुरोध किया, लेकिन वे टाल-मटोल करते रहे। दरअसल जमीन की कीमत बढऩे के साथ ही उनकी नीयत बदल गई और उन्होंने छल-कपट का सहारा लेकर जमीन हड़प ली। मजबूर होकर मैंने प्रधानमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को शिकायत भेजी है। मैंने अपनी शिकायत में यह भी लिखा है कि मुझे मंत्री और उनके लोगों से जान का खतरा बना हुआ है।
धनेश कुमार कोशले, पीडि़त किसान
वापस कर दिए पैसे
मेरे पिता ने धनेश कुमार कोशले के पिता को दो हजार रुपए लेकर जमीन बेची थी। यह बात कई साल पुरानी है। इसकी कोई लिखा-पढ़ी नहीं है। आज भी रेकॉर्ड में जमीन हमारे नाम है। मैंने किसान धनेश कुमार को दो हजार रुपए वापस कर दिए हैं। दयालदास बघेल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री
Published on:
28 Aug 2018 02:23 pm

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