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पैरेंट्स बच्चों को बताएं अगर कोई प्राइवेट पार्ट टच करे तो ‘नो’ बोलकर चिल्लाएं : बाल आयोग

बच्चों के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विषयों के साथ बाल मित्र राज्य की अवधारणा को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दिखाई गंभीरता

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राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला में मंत्री ने कहा - छत्तीसगढ़ में 'बाल मित्र की अवधारणा' को करेंगे पूरा

रायपुर. बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बच्चों के कल्याण के लिए बनाए गए विभिन्न नियमों-कानून के क्रियान्वयन की दृष्टि से राष्ट्रीय एवं राज्य के बाल आयोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों के साथ होने वाली यौन हिंसा, गहन चिंता और चिंतन का विषय है इसे रोकने के लिए जरूरी है कि समाज और बच्चों के बीच ज्यादा से ज्यादा जागरूकता लाई जाए और बच्चों से साफ गोई के साथ बातचीत की जाए।

यह बातें राष्ट्रीय बाल आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने बच्चों के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर रायपुर में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला में कहीं। बाल आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने कहा कि बच्चों को अपने निजी अंगों को बैडटच से बचाने तथा ऐसी स्थिति आने पर जोर से 'नो' बोल कर चिल्लाएं, तत्काल उस स्थान से भाग कर दूसरों के पास पहुंच जाएं और अपने भरोसे के लोगों से पूरी बात बताएं।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से रविवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विषयों के साथ-साथ 'बाल मित्र राज्य की अवधारणा' विषय पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों और वक्ताओं ने जहां बच्चों के हित में साझा रणनीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य के लिए बनाई गई 'बाल नीति' के प्रारूप का विमोचन किया गया और इस प्रारूप पर विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को सौंपा गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री रमशीला साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में 'बाल मित्र की अवधारणा' को पूरा किया जाएगा। बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके विकास एवं मजबूती से ही देश की मजबूत नींव आधारित है। हम सब के लिए संकल्प लेने का समय है कि हमारे देश और राज्य के बच्चे सशक्त, सुशिक्षित और खुशहाल बने।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग के प्रयासों, उल्लेखनीय कार्यों और नवाचार पर आधारित पुस्तिका 'बाल मित्र संदर्शिका' के साथ-साथ बाल अधिकारों के उलंघन, लैंगिक उत्पीडऩ से बच्चों को बचाने, उनके संरक्षण तथा बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर छत्तीसगढ़ बाल आयोग के वेबसाइट www.cgscpcr.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत करने की प्रणाली 'मेरी आवाज' का भी विमोचन किया गया।

इसी तरह बाल अधिकार संरक्षण से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय, विभिन्न राज्यों और छत्तीसगढ़ के संस्थाओं के कार्यालयों और पदाधिकारियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल एप 'बाल मितान' का विमोचन भी किया गया। इस संबंध में आयोग की वेबसाइट के माध्यम से विस्तार से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

बाल गौरव सम्मान से सम्मानित हुई संस्थाएं एवं नागरिक
बाल मित्र राज्य की अवधारणा पर आधारित राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि मंत्री रमशीला साहू और अध्यक्ष सांसद रमेश बैस ने अनेक संस्थाओं और नागरिकों को 'बाल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया। उन्होंने सीआरवाय (क्राइ), डॉ.सी.वी. रमन विश्वविद्यालय और लोक शक्ति समिति के सदस्यों के साथ-साथ मोनिका और जितेन्द्र सिंह बघेल को इस सम्मान से नवाजा। कार्यक्रम में बाल संरक्षण गृह के बच्चों ने उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी।