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हत्या के प्रयास का आरोपी बचने के लिए खुद को बताया नाबालिग, दांतों के एक्स-रे से बालिग होने का पता चलते ही हुआ फरार

रायपुर में हत्या का प्रयास करने के आरोप पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी ने खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए पुलिस की जांच में अपने आप को नाबालिग साबित करवा दिया। जांच में बालिग होने का पता चलते ही हुआ फरार।

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Rape accused escaped from police car

Rape accused escaped

रायपुर. राजधानी रायपुर के टिकरापारा थानाक्षेत्र में हत्या का प्रयास करने के आरोप पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी ने खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए टिकरापारा पुलिस की जांच में अपने आप को नाबालिग साबित करवा दिया। पुलिस ने आरोपी को नाबालिग बोलकर माना संप्रेक्षण गृह में भर्ती भी करवा दिया।

माना संप्रेक्षण गृह में पदस्थ जिम्मेदारों को आरोपी की उम्र को लेकर शंका हुआ, तो उन्होंने उसकी दांतों का एक्स-रे निकलवाया। दांतों के एक्स-रे में आरोपी की उम्र 20 वर्ष होने का पता चला। आरोपी को अपने कारनामें का खुलासा होने का संदेह हुआ, तो आरोपी माना संप्रेक्षण गृह की जाली तोड़कर 27 नवंबर को वहां से फरार हो गया। संप्रेक्षण गृह के फादर ने मामले की शिकायत माना पुलिस को की है। माना पुलिस ने मामलें में जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपी का नाम माना पुलिस द्वारा शेख आदिल बताया जा रहा है।

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पुलिस की जांच पर सवाल
टिकरापारा पुलिस ने आरोपी आदिल शेख को पकड़ा, तो जांच के दौरान वो नाबालिग मिला। विभागीय अधिकारियों की जांच पर बोन टेस्ट की रिपोर्ट सवालिया निशान लगा रही है। कानूनविद के अनुसार जब भी किसी आरोपी पर कार्रवाई होती है, तो उसकी उम्र और नाम का पता लगाने के लिए दस्तावेजों को पुलिस जब्त कराती है। आरोपी पर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने परिजनों के कहे अनुसार उम्र क्यों लिख दी? दस्तावेज जमा क्यों नहीं कराए? पुलिस द्वारा दस्तावेज जमा कराए बिना आरोपी को नाबालिग मान ले लेना, जांच प्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

विवेचना अधिकारियों के पक्ष में उतरे अफसर
मामलें में पुलिस के अधिकारी अब विवेचना अधिकारियों के पक्ष में उतर आए है। अफसरों का कहना है, कि परिजनों के कहे अनुसार आरोपी की उम्र लिखी गई और उस कथित नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। मामलें में किसी प्रकार का संशय ना रहे, इसलिए पुलिस ने बोन टेस्ट कराया था। बोन टेस्ट की रिपोर्ट आने से पहले आरोपी फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ माना पुलिस में अलग से केस दर्ज होने की बात विभागीय अधिकारियों ने बताई है।

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रायपुर एएसपी आकाश राव गिरपुंजे ने कहा, टिकरापारा पुलिस ने आरोपी को हत्या के प्रयास में पकड़ा था। जांच के दौरान परिजनों ने दस्तावेज जमा नहीं किए और आरोपी को नाबालिग बता दिया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को माना संप्रेक्षण गृह भेज दिया। आरोपी की उम्र में संदेह होने पर उसका बोन टेस्ट कराया गया था। बोन टेस्ट में आरोपी की उम्र 20 वर्ष पता चली है। आरोपी के खिलाफ माना में केस दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।