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ये हैं मोर रायपुर-मोर जिम्मेदारी गीत के छत्तीसगढ़ी वर्जन के राइटर

एक पैसा भी नहीं लिया स्मार्ट सिटी से, गाने को मिली जबरदस्त प्रसिद्धि

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ये हैं मोर रायपुर-मोर जिम्मेदारी गीत के छत्तीसगढ़ी वर्जन के राइटर

ये हैं मोर रायपुर-मोर जिम्मेदारी गीत के छत्तीसगढ़ी वर्जन के राइटर

ताबीर हुसैन @ रायपुर. सूरज की किरणों के साथ आपके कानों में मधुर आवाज सुनाई देती है। छत्तीसगढ़ी भाषा में बोल जो दिल को छू लेते हैं। मोर अंगना-मोर द्वारी, स्वच्छता है मोर चिन्हारी। स्वच्छ रायपुर होही हमर। मोर रायपुर- मोर जिम्मेदारी। ये गीत न सिर्फ स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित करता है बल्कि मखमली आवाज से अलहदा अहसास भी जगाता है। स्मार्ट सिटी के अफसरों ने जब जावेद अली से हिंदी गीत गवाया था तब उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि इसका छत्तीसगढ़ी वर्जन इतना पॉपुलर हो जाएगा। उन्हें तो बिन मांगे मोती मिल गया क्योंकि लेखक ने खुद ही ऑडियो रिकॉर्ड कर उन तक पहुंचाया। इसके लिए उन्होंने एक पैसा भी नहीं लिया, वे कहते हैं कि मैंने यह गीत पैसों के लिए नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता को बुलंदी तक पहुंचाने के लिए लिखा था।

ऐसे आया आइडिया
अनुराग देवांगन कहते हैं, जब भी मैं हिंदी सॉन्ग सुनता था मुझे कुछ कमी महसूस होती थी। मैंने सोचा क्यों न इसका छत्तीसगढ़ी वर्जन तैयार किया जाए। मैंने इसमें रायपुर की स्वच्छता और खूबसूरती का जिक्र किया। जिसे रूप वर्षा, वसुंधरा, सुमन, छाया और जागेश्वरी ने आवाज दी। ऑडियो के करीब डेढ़ साल बाद वीडियो लॉन्च किया, तब लोगों को पता चला कि कानों में मिश्री घोलने वाली आवाज नेत्रहीन युवतियों की है।

इंजीनियर से बने म्यूजिशियन

अनुराग ने पढ़ाई भले इंजीनियरिंग से की लेकिन स्कूल टाइम से ही गीत-संगीत में रुचि रही। कॉलेज भी जाते तो आधा टाइम स्टूडियो में बीतता। उन्होंने छत्तीसगढ़ का पहला रॉक बैंड भी बनाया। अब उनका खुद का स्टूडियो और म्यूज़िक एकेडमी भी है।

कोलावेरी डी के छत्तीसगढ़ी वर्जन ने मिली पहचान

जसगीत से लेकर पॉप म्यूजिक में अपने सुर देने वाले अनुराग ने कोलावेरी डी को विशुद्ध छत्तीसगढ़ी वर्जन में गाकर सबका ध्यान अट्रैक्ट किया था। रॉक बैंड के जरिए स्टेज परफॉर्मेंस भी करते रहे। एक बार उनकी नजर पुणे के बैंड पर पड़ी जो सिर्फ मराठी गीत-संगीत को तरहीज देते थे। तब से वे छत्तीसगढ़ के फोक गीतों पर फोकस्ड हुए।