रायपुर

निजी अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन से ज्यादा बेड, जांच के लिए टीम नहीं

न तो पर्याप्त डॉक्टर और न ही प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी

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Feb 11, 2020
निजी अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन से ज्यादा बेड, जांच के लिए टीम नहीं

रायपुर. जिले में संचालित निजी अस्पताल संचालक स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। निजी अस्पतालों में कई अस्पताल ऐसे है, जिसका रजिस्ट्रेशन सिर्फ 5 या 10 बेड के संचालन का है जबकि वहां 15 से 25 बेड का संचालन हो रहा है। इन अस्पतालों में न तो पर्याप्त चिकित्सक और न ही प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी हैं।
यहीं नही 132 अस्पताल ऐसे हैं जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अस्पतालों ने आवेदन लगाए हैं लेकिन आवासीय क्षेत्र होने के कारण फायर सेफ्टिंग, पार्किंग समेत कई मानक पूरे नहीं हो पा रहे हैं, यहीं वजह है कि ऐसे अस्पतालों को लाइसेंस जारी नहीं किया जा रहा है। रायपुर जिले में 275 पंजीकृत अस्पताल संचालित हैं। यदि कुछ बड़े अस्पतालों को छोड़ दिया जाए तो हर जगह रजिस्ट्रेशन से ज्यादा बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को भी इस बात की जानकारी है फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। नाम न छापे जाने की शर्त पर स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि किसी अस्पताल की शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई होती है। अस्पतालों के निरीक्षण के लिए फिलहाल कोई टीम गठित नहीं है।
कई अस्पतालों में 5वीं व 8वीं पास नर्स
स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन के मुताबिक अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्स रखना अनिवार्य है। लेकिन, राजधानी के बड़े अस्पतालों को छोड़ दें तो कई ऐसे अस्पताल भी संचालित हैं जहां पर 5वीं व 8वीं पास नर्स मरीजों को इंजेक्शन लगा रही हैं। कुछ पैसे बचाने के लिए अस्पताल संचालक मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, फिर भी स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे हुए है।
रायपुर सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल का कहना है कि जिले में जो भी निजी अस्पताल संचालित हैं वह पहले से पंजीकृत हैं। यदि किसी अस्पताल की ओर से मरीजों के इलाज में गड़बड़ी की जाती है या फिर वहां मानकों को पूरा नही किया जा रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी।

Published on:
11 Feb 2020 01:19 am
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