20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अनलॉक में 3000 से ज्यादा ट्रैक्टर बिके, मांग इतनी कि सप्लाई नहीं कर पा रहे डीलर

अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने को बेकरार: ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में मांग नहीं हुई कम

2 min read
Google source verification
अनलॉक में 3000 से ज्यादा ट्रैक्टर बिके, मांग इतनी कि सप्लाई नहीं कर पा रहे डीलर

अनलॉक में 3000 से ज्यादा ट्रैक्टर बिके, मांग इतनी कि सप्लाई नहीं कर पा रहे डीलर

अजय रघुवंशी @ रायपुर . छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने को बेकरार है। यही कारण है कि लॉकडाउन के बाद प्रदेश के ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेेत्रों में ट्रैक्टर्स की अच्छी बिक्री हुई है। लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े उपकरणों और कृषि सामग्रियों की बिक्री ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में मई और जून महीने के भीतर 3000 से ज्यादा ट्रैक्टर्स की बिक्री हो चुकी है। प्रदेश में मांग इतनी है कि डीलर्स पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। बीते वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो सामान्य स्थिति में मई और जून महीने में लगभग 4000 से 5000 ट्रैक्टर्स की बिक्री हुई थी। इस वर्ष भी यह आंकड़ा पार होने की पूरी गुजाइंश थी, लेकिन कंपनियों से सप्लाई प्रभावित हुई है। डीलर्स ने मांगों के अनुरूप कंपनियों को ऑर्डर दे दिया है।
प्रदेश के ट्रैक्टर्स डीलर्स का कहना है कि अप्रैल महीने में जब अन्य सेक्टर में बिक्री का इंतजार किया जा रहा था, तब प्रदेश में 500 गाडिय़ों की बिक्री हो चुकी थी। वहीं, मई महीने में 2000 से ज्यादा यूनिट्स बिके। हर साल बारिश के पहले सीजन अच्छा रहता है। चूंकि कंपनियों से सप्लाई काफी कम है, इसलिए आपूर्ति प्रभावित है। जून महीने में अभी तक 800 से ज्यादा ट्रैक्टर्स बिक चुके हैं। महीने के आखिरी दिनों में भी अच्छी बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है।
श्रमिकों की कमी
चेन्नई, मध्यप्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज में श्रमिकों की कमी बताई जा रही है। एसोसिएशन के मुताबिक नई गाडिय़ों के अलावा कृषि उपकरण से जुड़ी सामग्रियों की किल्लत है। छत्तीसगढ़ में इन उपकरणों की डिमांड बारिश के पहले सबसे अधिक रहती है। फसल कटने के बाद नवंबर-दिसंबर महीने में भी डिमांड आती है।
रायपुर ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष नरेश पटेल का कहना है कि प्रदेश में ट्रैक्टर्स की बिक्री पर गौर करें तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कोरोना का ज्यादा प्रभाव नहीं है। बीते वर्ष के मुकाबले मई और जून में बिक्री 5000 से पार जाने की उम्मीद थी, लेकिन कंपनियों से सप्लाई कम होने से 3000-3500 यूनिट्स की बिक्री हुई है। सप्लाई बेहतर रही तो इस महीने के बाकी दिनों में भी अच्छी खरीदारी की उम्मीद है।