
यहां मिलती है देश की सबसे महंगी सब्जी 'बोड़ा', कीमत जानकर उड़ जाएंगे आपके होश
रायपुर. छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदन्र्य से परिपूर्ण जिला बस्तर न केवल आदिवासी संस्कृति के लिए विख्यात है बल्कि यह अपनी अन्य खूबियों के लिए भी पूरे विश्व में जाना जाता है।
ऐसे ही एक और खूबी को हम बता रहे हैं, जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। यहां पाई जाने वाली एक सब्जी ऐसी भी है जो पूरे विश्व में केवल बस्तर जिले में ही पाई जाती है और वो भी बरसात के मौसम में सिर्फ एक सप्ताह। इसकी कीमत (Most expensive Vegetable boda ) देश के पांच सितारा होटलों के डिस से भी महंगी है। जी हां यह सब्जी बाजार में 2 हजार रुपए प्रतिकिलो से ऊंचे दामों पर बिकती है। इसका विजिटेरियन का स्वाद नॉनवेज से शानदार हैं। एक बार खाने के बाद अंगुलियां चाटते रह जाएंगे। जी हां, बस्तर में पाई जाने वाली बोड़ा सब्जी मेट्रो सिटी के शापिंग माल में नहीं बल्कि बस्तर के बाजार में बिकती है। जानिए क्या है इसका राज।
चमत्कारिक बात यह है कि यह डिश साल के एक ही सप्ताह शौकीनों को मिल पाता है। कड़ी धूप के बाद मानसून की पहली बौछार पड़ते ही साल वनों के जंगल में नजर आने वाली इस सब्जी का स्वाद चखना आम व खास लोगों के लिएक्रेज की बात है।
मानसून की पहली बौछार पड़ते ही बस्तर के लोगों की जुबान पर एक ही लफ्ज सुनाई देता है बोड़ा निकला क्या? पहली मर्तबा बाजार में आने वाले बोड़ा को देखने-चखने के लिए शौकीन टूट पड़ रहे हैं।
बोड़ा की आवक शुरू हुई तब इसका दाम दो हजार रुपए प्रति किलो से अधिक रहता है। सरगीपाल, नानगुर, तितिरगांव में साल के घने जंगल हैं। इसके संग्रहण के लिए आदिवासी महिलाएं टोलियां बनाकर सुबह ही निकल जाती हैं। जंगली जानवरों व जहरीले सांपों से भरपूर इन जंगलों में जोखिम उठाकर भी ये महिलाएं इस फंगस को बटोरने जुटी रहती हैं।
इन महिलाओं को साल के पेड़ों के पास की नम जमीन को खुरचते व उसमें छिपे बोड़ा को जमाकर टोकरी में सहेजते आसानी से देखा जा सकता है।
शुरुआत में जो काले रंग का बोड़ा बाजार में आया है। वह बेहद नरम होता है। इसे जात बोड़ा कहते हैं। इसका स्वाद लाजवाब होता है। इसके अलावा ऊपरी परत सफेद होने व कड़क होते जाने पर इसे लाखड़ी कहा जाता है। राजधानी में भी कुछ वर्षों से बोड़ा की डिमांड बढ़ी हुई है।
कुम्हरावंड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र की पौध रोग विज्ञानी श्वेता मंडल ने बताया कि यह फंगस खाद्य के तौर पर उपयोग में लाया जाता है। सैल्यूलोज व काबोहज़इड्रेट से भरपूर होने की वजह से शुगर व हाई ब्लड प्रेशर वाले भी इसे खा सकते हैं। इस फं गस पर और अधिक शोध होने की जरूरत उन्होंने बताई है। साल के वनों में उसकी जड़ों से निकले हुए विविध रसायन से यह माइकोराजीकल फंगस निकलता है। यह फंगस पत्तियों को नष्ट करने का काम करता है। यह फंगस (बोड़ा) जीवित पत्तियों पर अपना जीवनचक्र चलाता है।
Updated on:
29 Jun 2020 10:10 am
Published on:
29 Jun 2020 10:04 am
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