
हिंदू परिवार की बेटी चित्ररेखा साहू के विवाह में उपस्थित मुस्लिम उद्यमी व अन्य परिजन
रायपुर. Raipur news : एक ओर जहां कुछ लोग हिन्दू-मुस्लिम के बीच नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संबलपुर निवासी हनीफ खान ने जात-पात से परे हटकर गरीब परिवार की बेटी का हिन्दू रीति-रिवाज के साथ धूमधाम से विवाह कराकर एक मिसाल पेश की है। बुधवार को जैनब पैलेस में कुरुद निवासी रोहित साहू की पुत्री चित्ररेखा का विवाह मारंगपुरी निवासी डॉ चंद्रहास साहू के साथ संपन्न हुआ। हनीफ ने बताया कि वर्ष-1994 में उनका विवाह हुसना बानो के साथ हुआ। इसी बीच रोहित अपनी पुत्री चित्ररेखा साहू और अपने बेटे सतीश के साथ किसी काम के सिलेसिले में संबलपुर आया था, यहां उनकी मुलाकात युवा व्यवसायी हनीफ खान से हुई। शादी के चार साल बाद भी कोई संतान नहीं होने के चलते हनीफ ने जात-पात के भेदभाव को भुलाकर उनके दोनों बच्चों को गोद ले लिया और उनका पालन-पोषण करने लगा।
समय बीतने के साथ हनीफ और उनकी पत्नी को भी संतान सुख की प्राप्ति हुई। इसके बाद भी हनीफ ने हिन्दू मजदूर परिवार की बेटी चित्ररेखा और सतीश का अपने बच्चों की तरह पालन-पोषण किया। यहां तक की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च भी उन्होंने ही उठाया। इसी का नतीजा है कि चित्ररेखा बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी और बीएड की पढ़ाई पूरी कर पाई। चित्ररेखा का कहना है कि हिन्दू परिवार में जन्म लेने के बाद भी उन्हें हनीफ और हुसना बानो जैसे माता-पिता मिले, जिन्होंने एक मसीहा की तरह देखाभाल कर उनकी जिंदगी संवार दी। उनका आशीर्वाद पाकर आज वह दांपत्य जीवन में प्रवेश कर रही है।
Published on:
15 Dec 2022 01:26 pm
