27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Navratri 2022: माँ दुर्गा के नौ रूपों से हम क्या सीख सकते हैं, जिससे हो जाएगा जीवन धन्य

Navratri 2022: नवदुर्गा की विशेषताओं को जीवन में आत्मसात कर हम सफल प्रबंधक बन सकते हैं और जीवन को सही दिशा में मोड़कर आत्म प्रबंधन से सही मार्ग पर अग्रसर हो सकते हैं। आइए, जानते हैं कैसे...

2 min read
Google source verification
maa-durga_

Navratri 2022: नवरात्रि के आगमन से देशभर में उत्साह और उल्लास है। नौ रूपों में नौ गुणों को परिलक्षित करती मां दुर्गा हमें न सिर्फ प्रतिदिन प्रेरित और प्रोत्साहित कर शक्ति प्रदान करती हैं, अपितु जीवन जीने के सफल, सही और सहज मंत्र भी सिखाती हैं। नवदुर्गा की विशेषताओं को जीवन में आत्मसात कर हम सफल प्रबंधक बन सकते हैं और जीवन को सही दिशा में मोड़कर आत्म प्रबंधन से सही मार्ग पर अग्रसर हो सकते हैं।

देवी स्कंदमाता
करुणा और अनुकम्पा जीवन में महत्त्वपूर्ण हैं। प्रबंधक के तौर पर करुणा का भाव न सिर्फ अधीनस्थों को प्रेरित कर सकता है, अपितु ऐसी संस्कृति का निर्माण करने में मदद करसकता है, जो संगठन में समग्र प्रगति में सहायक हो।

देवी शैलपुत्री
प्रकृति की देवी शैलपुत्री जीवन में उद्देश्य की खोज में मार्गदर्शन करती हैं। हमें सीख मिलती है कि हर दशा में आत्मनिरीक्षण और मूल्यांकन आवश्यक है। चुनौतीपूर्ण समय में किसी भी निर्णय से पहले स्थिति को स्वीकारें, आत्म को समझें, मन-वचन-कर्मों में संयोजन करें।

देवी कूष्मांडा
समृद्धि व अच्छा स्वास्थ्य लाती हैं। सभी प्रेम और अच्छाई से प्रेरित होते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि हम न सिर्फ दूसरों के विचारों का सम्मान करें, बल्कि स्वयं से भी प्यार करें। इसी से हम औरों के भावों को समझने वाले बन सकेंगे।

देवी ब्रह्मचारिणी
हमें सिखाती हैं कि हर कार्य की सफलता दृढ़ संकल्प और तपस्या पर ही निर्भर है। हो सकता है समय-समय पर अस्वीकृति का सामना करना पड़े, किन्तु निरंतर प्रयास और दृढ़ता से अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहिए।

देवी चंद्रघंटा
सतर्कता व ध्यान केंद्रित करने की क्षमता के लिए पहचानी जाती हैं। हमें सीख देती हैं कि परिवर्तनों के प्रति हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता है। सफलता के लिए परिवर्तनशील स्थितियों में उचित निर्णय सुनिश्चित करें।

देवी महागौरी
सकारात्मकता के सौंदर्य का प्रतीक देवी महागौरी आशावादी विचार, सही और उचित निर्णय और सकारात्मकता को आत्मसात करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। विचार ही हमारे आभामंडल में प्रतिबिंबित होते हैं और वैसा ही वातावरण हमारे आसपास निर्मित होता है।

देवी कालरात्रि
अंधकार का नाश करने वाली मां कालरात्रि अस्थिरता में स्थिर रहने की क्षमता दर्शाती हैं। मन-मस्तिष्क तभी स्थिर रहेगा, जब हम शिक्षित होंगे। अज्ञानता, अनभिज्ञता और अस्थिरता के अंधकार को ज्ञान का प्रकाश परास्त कर सकता है।

देवी कात्यायनी
योद्धा देवी कात्यायनी सभी बाधाओं से लड़ने की आत्मशक्ति को प्रतिबिंबित करती हैं। जीवन में हमें कई उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। इनका सामना करने और मुश्किलों को पार करने के लिए आत्मविश्वास व निडरता आवश्यक है।

देवी सिद्धिदात्री
भक्तों को ’सिद्धियां’ प्रदान करने वाली देवी सिद्धिदात्री हमें सिखाती है कि निरंतर प्रयास, लगन और प्रतिबद्धता से कोई भी सिद्धि प्राप्त की जा सकती है। हम स्वयं में हर समय सुधार करते रहें, अपने कौशल की पहचान कर उन्हें विकसित करें व उनका उपयोग सही दिशा में करें।