
परीक्षा देते विद्यार्थी (Photo AI)
NEET UG 2026: @पीलूराम साहू। नीट यूजी अब योग दिवस के दिन यानी 21 जून को होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार की इसकी घोषणा कर दी। तारीख को लेकर कुछ जानकारों ने सवाल उठाए हैं। दरअसल योग दिवस के दिन छत्तीसगढ़ ही नहीं, देशभर में कोई न कोई बड़ा आयोजन होता है। ऐसे में परीक्षा कहीं प्रभावित न हो जाए। जून के तीसरे सप्ताह में नीट होने का मतलब ये है कि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो रिजल्ट जुलाई अंत आ सकता है। काउंसिलिंग सितंबर में शुरू हो सकती है। इससे सेशन में तीन माह की देरी होने की आशंका है।
प्रदेश में वर्तमान में 10 सरकारी व 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 2330 सीटें हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए छत्तीसगढ़ समेत देशभर में 3 मई को नीट यूजी हुई थी। राजस्थान समेत दूसरे राज्यों में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद एनटीएस ने 12 मई को नीट रद्द कर दिया। अब प्रदेश के 45 हजार से ज्यादा छात्रों को री-नीट देनी होगी। इससे नए सेशन में देरी होना तय है। छात्रों को दोबारा वहीं तैयारी करनी होगी, जब पहले कर चुके हैं। 12वीं के कई छात्रों ने टेस्ट के बतौर नीट दिए थे, ताकि एक अभ्यास हो जाए।
अगले साल यानी 2027 में होने वाली नीट यूजी कंप्यूटर बेस्ड यानी ऑनलाइन होगी। इसमें नकल की संभावना बिल्कुल नहीं रहती। नीट पीजी लंबे समय से इसी तर्ज पर हो रही है। मेडिकल एक्सपर्ट व रिटायर्ड डीएमई डॉ. विष्णु दत्त व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार नीट यूजी में नकल, उन लाखों छात्रों के लिए कुठाराघात है, जो इस पर फोक्स्ड होकर तैयारियों में जुटे रहते हैं। भले ही उन्हें दोबारा मौका मिल जाता है, लेकिन यह छात्रों को इरिटेट करता है।
नीट परीक्षा के नए तारीख का ऐलान के बाद अब छत्तीसगढ़ के लगभग 45 हजार मेडिकल अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा में बैठना होगा। इस निर्णय से प्रदेश के हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ा झटका लगा था, जो महीनों की कड़ी मेहनत के बाद नतीजों का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, परीक्षा की तारीखें सामने आने के बाद अब असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है। राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, जगदलपुर और अंबिकापुर जैसे प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर शामिल हुए छात्र अब नए सिरे से और दोगुनी गति से अपनी तैयारियों में जुट गए हैं।
इधर, शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और नई तारीख आने से छात्रों पर मानसिक और समय का दबाव जरूर बढ़ेगा, लेकिन भविष्य की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए यह कदम बेहद जरूरी था।
Updated on:
16 May 2026, 9:35 AM IST
Published on:
16 May 2026, 9:34 AM IST
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