- छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएश ने विभागीय कर्मचारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप- संघ के पदाधिकारी बोले मुख्यमंत्री की सौगात के बाद भी संविलियन होने पर वेतन मिलना हुआ मुश्किल
रायपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा, कि मुख्यमंत्री की सौगात के बाद भी संविलियन होने पर वेतन अब तक कई लोगों को नहीं मिला है।
उक्त मामलें की शिकायत एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों डीपीआई जितेंद्र शुक्ला से की थी। डीपीआई ने निर्देश जारी कर, जल्द प्रक्रिया पूरा करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया था। डीपीआई के निर्देश का पालन भी विभागों में नहीं हो रही है। वर्तमान में विभागीय कर्मचारियों का लापरवाह रवैया बरकरार है।
छत्तीसगढ़ टीचसज़् एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शमाज़् ने संचालक लोक शिक्षण को पत्र लिखकर व चचाज़् कर 1 नवम्बर को संविलियन हुए शिक्षक संवगज़् को नवम्बर में ही वेतन दिए जाने की मांग की थी जिसके बाद डीपीआई ने प्रक्रिया पूरा करने व वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक कर संविलियन प्रक्रिया पूणज़् कर वेतन भुगतान करने कहा है, किन्तु अभी तक हजारो शिक्षको से संबधित प्रक्रिया अपूणज़् है।
इन कामों का होना है जरूरी
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा समेत पदाधिकारियों ने कहा, कि 1 नवम्बर 2020 को संविलियन हुए शिक्षकों के वेतन भुगतान करने हेतु कार्मिक संपदा, प्रान शिप्टिंग, न्यू एम्प्लाई आई डी कोड, एलपीसी जरूरी है, किन्तु अभी भी सैकड़ो अधिकारियो का कार्य अपूर्ण है, जिससे हजारो शिक्षको को नवम्बर अंत तक वेतन भुगतान नही हो पाएगा।
मुख्यमंत्री की 2 वर्ष में संविलियन की घोषणा पर प्रथम क्रियान्वयन के लिए संचालक ने लगातार निर्देश किया है किन्तु कई डीडीओ के लापरवाही के कारण हजारो शिक्षको को विलम्ब से वेतन मिलेगा, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लापरवाह अधिकारियों पर अब कार्रवाई की मांग की है।