
रायपुर. मुख्य सचिव आरपी मण्डल की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की अहम बैठक हुई। इसमें लोक निर्माण विभाग की ओर से नवा रायपुर के सेक्टर-19 में निर्मित किए जाने वाले नए विधानसभा भवन और जल संसाधन विभाग की ओर से बिलासपुर जिले के खारंग-अहिरन जलाशय परियोजना और छपराटोला फीडर जलाशय परियोजना के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
बैठक में मुख्य सचिव कहा, नवीन विधानसभा भवन में बैठकों के लिए प्रस्तावित कक्षों का निर्माण सही तरीके से किया जाए। ताकि बैठक व्यवस्था में कोई बाधा न हो। उन्होंने महिला अधिकारियों के लिए कामन रूम बनाने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग गौरव द्विवेदी, प्रमुख सचिव वन विभाग मनोज कुमार पिंगुआ सहित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
दो मंजिला विधानसभा भवन की ये होगी खासियत
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया नए विधानसभा का निर्माण नवा रायपुर के सेक्टर-19 में होगा। इसकी लागत लगभग 275 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए होगी। विधानसभा भवन का निर्माण मुख्य रूप से भूतल-प्रथमतल-द्वितीय तल के रूप में किया जाएगा। भूतल में विधानसभा की कार्यवाही के लिए सदन, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्रियों के कक्ष, विधानसभा उपाध्यक्ष के कार्यालय, नेता प्रतिपक्ष का कार्यालय, समिति बैठक कक्ष और अधिकारियों के कक्ष होगा।
प्रथम तल में विधानसभा सदन की गैलरी होगी। जिसमें मुख्य रूप से मीडिया, पब्लिक और अति विशिष्ट जनों को प्रवेश मिलेगा। प्रथम तल में ही 200 सीटर कॉन्फ्रेंस हॉल बनेगा। द्वितीय तल में विधानसभा की लाइब्रेरी और सेन्ट्रल हॉल बनेगा।
720 करोड़ की लागत से बनेगा जलाशय
जल संसाधन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत बताया, 720 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर जिले में अहिरन नदी पर खारंग अहिरन लिंक जलाशय का निर्माण होगा। इसके लिए अण्डर ग्राउण्ड तरीके से पाइप के द्वारा नदियों का जल जलाशय तक लाया जाएगा।
इस जलाशय में एकत्रित जल का इस्तेमाल बिलासपुर और रतनपुर शहरों में पेयजल आपूर्ति के लिए किया जाएगा। साथ ही नदियों के किनारे बसे 208 गांवों की 56285 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी। वहीं बिलासपुर जिले के अरपा नदी पर प्रस्तावित छपराटोला फीडर जलाशय के निर्माण में लगभग 968 करोड़ 56 लाख रुपए खर्च होंगे। इस परियोजना को नेशनल रिवर कन्जर्वेशन प्लान के तहत स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा जाएगा।
Published on:
27 Nov 2020 09:47 pm
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