7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक नीति को मिली मंजूरी, उद्योगों में स्थानीय लोगों को मिलेगा 100 % आरक्षण

CM भूपेश बघेल की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश की नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी गई। नई नीति में प्रदेश में लगने वाले उद्योगों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय श्रमिकों को 100 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

3 min read
Google source verification
छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक नीति को मिली मंजूरी, उद्योगों में स्थानीय लोगों को मिलेगा 100 % आरक्षण

छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक नीति को मिली मंजूरी, उद्योगों में स्थानीय लोगों को मिलेगा 100 % आरक्षण

रायपुर . पिछले दिनों हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश की नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी गई। नई नीति में प्रदेश में लगने वाले उद्योगों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय श्रमिकों को 100 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।मंत्री अकबर ने बताया उद्योगों को 100 प्रतिशत अकुशल श्रमिकों की भर्ती स्थानीय लोगों से करनी होगी। अद्र्घकुशल श्रमिकों के लिए 70 प्रतिशत और प्रबंधकीय व प्रशासकीय पदों के 40 प्रतिशत मानव संशाधन की भर्ती स्थानीय लोगों से करनी होगी। सरकार ने छत्तीसगढ़ में लगने वाले उद्योगों में स्थानीय लोगों को आरक्षण देने का प्रावधान पहली बार किया है।

नई नीति में धान की भूंसी से जैव ईधन और इथेनाल बनाने के उद्योगों के लिए खास प्रोत्साहन दिया गया है। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों, इलेक्ट्रिक उपकरणों, वाहन निर्माण इकाइयों, बैट्री निर्माण और मरम्मत की इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा, प्राथमिकता और कोर सेक्टर वाले उद्योगों में पुरानी नीति जारी रहेगी। 31 अक्टूबर 2022 तक के लिए नई उद्योग नीति एक नवम्बर 2019 से प्रभावी हो जाएगी।

दिवाली पूजा के समय जरूर ध्यान में रखे ये बातें वरना रुठ जाएंगी मां लक्ष्मी, जानें पूजा के शुभ मुहूर्त

सरकार ने जमीन खरीदी तो उस पर बनी संपत्तियों का भी चार गुना मुआवजाराज्य सरकार ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति के प्रावधानों में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार रात हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस बदलाव को मंजूरी दे दी गई। नए बदलाव के मुताबिक अगर सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में कोई जमीन खरीदी तो उसपर बने मकान-दुकान के बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देगी।

अभी तक मुआवजे की राशि बाजार मूल्य के दोगुने तक सीमित थी।बैठक में छत्तीसगढ़ में शहीद हुए सीआरपीएफ के आरक्षक नीरज शर्मा के छोटे भाई सूरज शर्मा को जिला पुलिस बल में आरक्षक पद पर विशेष नियुक्ति देने का फैसला हुआ। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया, शहीद के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण यह फैसला लिया गया है। बैठक में अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति की गई निरीक्षक सविदा दास वैष्णव को बहाल करने का फैसला लिया गया है। वे धमतरी में पदस्थ थीं।कबाड़ बेचेगी सरकार सरकारी विभागों, निगमों-मंडलों में पड़ा पूरा कबाड़ बेचा जाएगा। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया, इनको विभाग खुद भी नीलाम कर सकता है। नहीं तो सरकार केंद्र सरकार की एजेंसी मेटल स्क्रेप ट्रेड कॉर्पोरेशन -एमएसटीसी के जरिए उन्हें बेच देगी।

कलियुगी शिक्षक का कांड : पहले किया दुष्कर्म फिर पीड़िता को धमकाते हुए बोला….केस वापस ले, नहीं तो अबकी बार तेरी बड़ी बहन का करूंगा रेप

यह फैसले भी हुए
- मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण गठन आदेश में बदलाव कर कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
- राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 14 प्रकरण वापस होंगे।
- तीरथ बरत योजना के संचालन के लिए कोष में संचित 8.65 करोड़ रुपए और आगामी अनुपूरक बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- वन विभाग में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वेतनमान में दो अस्थायी पद स्वीकृत। पद का सृजन दो वर्ष के लिए।

सरकार ने ढाई वर्ष पहले केंद्र को इसका प्रस्ताव भेजा था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली। अब इसे दोबारा भेजा जाएगा।अब 21 वर्ष का भी हो सकेगा महापौरमंत्रिपरिषद ने महापौर और पालिका अध्यक्ष के लिए अप्रत्यक्ष चुनाव का प्रावधान करने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी। अब इसे राज्यपाल के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। हस्ताक्षर के बाद राजपत्र में प्रकाशित होगा। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने बताया, चुनाव दलीय आधार पर लड़े जाएंगे। मतपत्रों से चुनाव होगा। जनता के चुने हुए पार्षद अपने बीच से महापौर चुनेंगे। पुराने कानून में पार्षद के लिए न्यूनतम उम्र की सीमा 21 वर्ष और महापौर के लिए 25 वर्ष निर्धारित थी। पार्षद को ही महापौर बनना है इसलिए महापौर पद के लिए आयु की न्यूनतम सीमा घटाकर 21 वर्ष कर दिया गया है।

भूपेश ने मोदी को लिखा पत्र, धान खरीदी को लेकर की ये बड़ी मांग

नगरीय निकाय की दुकानों का किराया घटायासरकार ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत की ओर से बनाई गई दुकानों का किराया घटा दिया है। नगरीय प्रशासन मंत्री ने बताया पूर्व में दुकानों का किराया स्वीकृत प्रीमियम राशि का 7.2 प्रतिशत था। अब दुकानों इसे आफसेट प्राइस के 2 प्रतिशत राशि के बराबर सीमित कर दिया गया है। मंत्री का कहना था अभी किराए की दर बहुत ऊंची है। ऐसे में गरीब लोग किराए पर दुकान नहीं ले पाते। संशोधन से बेरोजगार गरीबों को फायदा होगा।

Click & Read More Chhattisgarh News.


बड़ी खबरें

View All

रायपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग