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निर्भया केस : चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह बोले देश की बेटी को मिला न्याय

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने जारी किया डेथ वारंट भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा दुष्कर्मियों को जीवित रहने का अधिकार नहीं

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निर्भया केस के दोषी

निर्भया केस के दोषी

रायपुर. पूरे देश को झकझोर देने वाले निर्भया केस के चारों दोषियों के लिए फांसी की सजा पर आखिरकार मुहर लग गई है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी देने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस फैसले पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि देश की बेटी को न्याय मिला।

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[typography_font:18pt]न्यायपालिका पर विश्वास मजबूत
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय लोकतंत्र में दुष्कर्मियों को जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं है। आज न्यायपालिका ने बेटी निर्भया के आरोपियों को मृत्युदंड सुनाकर राष्ट्र की प्रत्येक बेटी के साथ न्याय किया है। रमन सिंह ने कहा कि इस फैसले से न्यायपालिका पर जन-जन का विश्वास और मजबूत होगा एवं अपराधियों का मनोबल टूटेगा।
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[typography_font:18pt]डेथ वारंट जारी
निर्भया कांड में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने डेथ वारंट जारी करते हुए दोषियों पवन गुप्ता, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में फांसी देने का निर्देश दिया है।
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[typography_font:18pt]16 दिसंबर 2012 की वो रात
बता दें कि 16 दिसंबर 2012 को 23 वर्षीय 'निर्भया' के साथ चलती बस में बेरहमी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। उसके बाद में उसे चलती बस से फेंक दिया था। कुछ दिनों तक जिंदगी के लिए संघर्ष करते हुए निर्भया की मौत हो गई थी। मामले में छह आरोपियों को पकड़ा गया था। इनमें से एक आरोपी नाबालिग था। उसे जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। वहीं, एक अन्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
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