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NIT Campus Placement : तीन छात्रों को 55-55 लाख रुपए का सालाना पैकेज ऑफर, अन्य छात्रों को भी मिल रहे अच्छे-अच्छे ऑफर

National Institute of Technology Raipur news : उत्तरप्रदेश के रहने वाले सौरभ मिश्रा ने बताया शुरुआत से कोशिश यही रही कि किसी बड़ी और अच्छी कंपनी में जॉब लग जाए। वहीं पढ़ाई के दौरान लॉकडाउन में परेशानियां हुईं। हालांकि एनआईटी क्लब से काफी मदद मिली। एक मेंटर प्रोवाइड किया था जिसने हमें गाइड किया। असिस्मेंट में सबसे ज्यादा कोडिंग को लेकर चुनौतियां हुई। जिसकी वजह से एक दो कंपनियों में मुझे निराशा मिली। इसके बाद मुझे एडोब कंपनी में सफलता मिली।

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NIT Campus Placement  : तीन छात्रों को 55-55 लाख रुपए का सालाना पैकेज ऑफर, अन्य छात्रों को भी मिल रहे अच्छे-अच्छे ऑफर

File Photo

रायपुर. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर ( NIT Raipur) ने अपना प्लेसमेंट डेटा जारी कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक तीन छात्रों को 55-55 लाख रुपए का सालाना पैकेज ऑफर हुए हैं। प्लेसमेंट इंचार्ज मनोज चोपकर ने बताया, इस साल मैग्जिमम पैकेज 55 लाख, एवरेज पैकेज 17.99 लाख और मिनिमम पैकेज 7.25 लाख रु.सालाना रहा। अधिकतम पैकेज हासिल करने वालों में सीएस के साहिल, आईटी के सौरभ और माइनिंग की आरुषि हैं। प्लेसमेंट में कुल 84 कंपनियां शामिल हुईं। इसमें अमेजन, एडोब समेत कई बड़ी कंपनियों ने यहां के छात्रों को हायर किया है।

सबसे ज्यादा प्लेसमेंट सीएस के छात्रों का हुआ। 104 में से 87 छात्र प्लेस्ड हुए। वहीं सबसे कम 20 प्लेस्मेंट माइनिंग के खाते में आया। हालांकि मैग्जिमम पैकेज में माइनिंग भी शुमार रहा। जॉब के लिए आरुषि ने बदला ट्रैक : प्रोफेसर कॉलोनी रायपुर निवासी आरुषि आनंद ने बताया कि लॉकडाउन में सबसे ज्यादा फायदा मिला। कंप्यूटर साइंस के लिए प्लेसमेंट क्रेक करने के लिए ऑनलाइन कोर्सेस भी किए। इन्हीं की बदौलत सफलता हाथ मिली। नोएडा के एडोब कंपनी में ज्वाइनिंग मिली।

कोडिंग में शुरू से रुचि थी

रायपुर भावना नगर के रहने वाले साहिल सिलारे नोएडा में एडोब कंपनी में कार्यरत हैं। साहिल ने बताया कि कोडिंग और कंप्यूटर में मेरी शुरू से रुचि थी। इसी को ध्यान में रखकर मैंने पढ़ाई की। मैंने यूट्यूब और अलग—अलग साइट्स में जाकर सवाल सॉल्व किए। इसके अलावा ऑनलाइन का भी सहारा लिया। ये सब दो साल तक चलता रहा। इसके बाद एनआईटी के जरिए एडोब कंपनी में अप्लाई किया। पढ़ाई के दौरान कभी ये भी लगा कि मैं क्या कर रहा हूं या ये सब मन में चल रहा था। आखिरकार परिवार वालों का भरपूर सपोर्ट मिला और सफलता मिली।