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एनआईटी रायपुर के इन छात्रों को 55-55 लाख का पैकेज

छात्रों ने साझा की सक्सेस स्ट्रैटेजी

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एनआईटी रायपुर के इन छात्रों को 55-55 लाख का पैकेज

सोनाली, वेदांश और अक्षत।

एनआईटी रायपुर के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ब्रांच से छात्र अक्षत अग्रवाल और सोनाली तिवारी, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ब्रांच से वेदांश टंडन ने एडोबी इनकॉरपोरेट में पीपीओ (प्री-प्लेसमेंट ऑफर) हासिल किया है। अक्षत को 55 लाख सीटीसी के पीपीओ के साथ सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर (एसडीई) के पद की पेशकश की गई है। उन्होंने पांचवें सेमेस्टर में शुरू होने वाली समर इंटर्नशिप प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें दो डीएसए प्रश्नों के साथ एक ऑनलाइन असेसमेंट शामिल रहे। वेदांश ने अडोबी में दो महीने की समर इंटर्नशिप भी हासिल की। सोनाली को दो महीने की समर इंटर्नशिप मिली , जिसमें उन्होंने एक प्रोडक्ट इंटर्न की भूमिका निभाई और बाद में मेंबर ऑफ टेक्निकल स्टाफ (एमटीएस) के रूप में एक स्थायी पद हासिल किया।

कोडिंग कॉम्पीटिशन का मिला फायदा

अक्षत ने बताया, मेरा जोर डेटा स्ट्रक्चर्स और एल्गोरिदम (डीएसए) में कॉन्सेप्ट बिल्डिंग पर बेस्ड था जो कोडिंग प्रॉब्लम्स की लगातार प्रैक्टिस और कोडिंग कॉम्पिटीशन में में एक्टिव रहने से अचीव हुआ। मैंने इंटरव्यू में अनिश्चितताएं उत्पन्न होने पर इंटरव्यूअर से प्रश्न पूछकर आत्मविश्वास से स्पष्टीकरण मांगने के महत्व पर जोर दिया। दोस्तों का एक सपोर्टिव सर्किल बनाने और सीनियर्स के साथ सकारात्मक रिश्ते बनाने के महत्व पर भी जोर दिया।

कम्युनिकेशन स्किल्स काम आई

वेदांश ने बताया, मेरे बनाए गए प्रॉजेक्ट्स मशीन लर्निंग और वेब स्क्रैपिंग पर केंद्रित थे। इसके अलावा मैंने इंस्टीट्यूट के क्लब और कमेटियों में एक्टिव रहा। इससे कम्युनिकेशन स्किल्स डेवलप हुई। इसका फायदा मुझे इंटरव्यू के दौरान कॉन्फिडेंस बिल्डप में मिला।

हैकथॉन से मिली सीख

सोनाली ने बताया, हैकथॉन में पार्टिसिपेट करना फायदेमंद रहा क्योंकि इससे कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम्स सॉल्व करने में आसानी हुई। जूनियर्स को सलाह दी कि स्ट्रैटेजिक ब्लूप्रिंट को आंख बंद कर न अपनाएं। अपने गोल के प्रति रियलिस्टिक डेली ऑब्जेक्टिव सेट करें।