कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष ने बताया कि वन मंत्री ने उनकी मांगों में से एक को पूरा करने का आश्वासन दिया है, जिसमें श्रमायुक्त दर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए कार्यभारित आकस्मिकता निधि सेवा नियम को लागू करने की बात कही गई है। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल आश्वासन पर भरोसा नहीं कर सकते। जब तक सरकार से इस बारे में लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक वे हड़ताल पर बने रहेंगे।