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महंगे पेट्रोल-डीजल से लोगों को नहीं मिल सकी राहत, कैबिनेट बैठक में नहीं हुई चर्चा

राज्य सरकार ने पेट्रोल-डीजल के मूल्यों को थाम कर लोगों को राहत देने का फैसला फिलहाल के लिए टाल दिया। मंत्रिमंडल की बैठक में इसपर अधिक चर्चा नहीं हुई।

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रायपुर. राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल के मूल्यों को थाम कर लोगों को राहत देने का फैसला फिलहाल के लिए टाल दिया है। शनिवार शाम मुख्यमंत्री निवास में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसपर अधिक चर्चा भी नहीं हुई। बताया जा रहा है, मुख्यमंत्री ने वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल से इस प्रस्ताव पर अलग से बात की।

केंद्र सरकार और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने भी पेट्रोलियम में वैट की दरों में 5 प्रतिशत तक कटौती का निर्देश दिया था। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल पर 25 प्रतिशत वैट लगाया जा रहा है। राज्य सरकार को मिलने वाले कुल राजस्व का करीब 29 प्रतिशत हिस्सा पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री से आता है। यह रकम तीन हजार 277 करोड़ रुपए से अधिक है।

अगर सरकार टैक्स की दर में पांच प्रतिशत कमी करती है तो करीब 164 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। बताया जा रहा है कि धान बोनस के 2100 करोड़ और स्मार्टफोन देने के लिए 1200 करोड़ जैसे खर्चों ने इस राहत को फिलहाल के लिए टाला है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने पूरा आकलन पेश करने को कहा है।

राज्योत्सव में आएंगे योगी, दास और शिवराज
मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल को राज्योत्सव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति एम. वैंकैया नायडू का कार्यक्रम तय हो जाने की जानकारी दी। यह भी तय हुआ कि पांच दिवसिय उत्सव के तीन दिनों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मुख्य अतिथि होंगे।

छेड़खानी में निलंबित एआईजी की बहाली पर भी बात
मंत्रिमंडल की बैठक में अगस्त 2015 में सहकर्मी से छेड़खानी के आरोप में निलंबित राज्य पुलिस सेवा के अफसर संजय शर्मा की बहाली याचिका पर भी चर्चा हुई। पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला एसआई ने लिफ्ट में छेड़छाड़ की शिकायत की थी। राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने बहाली के प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना था कि इससे अच्छा संदेश नहीं जाएगा। सीएम ने बहाली का प्रस्ताव राजस्व मंत्री की अध्यक्षता वाली उप समिति के हवाले कर दिया है।