
रायपुर. प्रदेश में कक्षा पहली से आठवीं तक के 30 लाख छात्रों में से कोई भी छात्र फेल नहीं होगा। बीते वर्ष की तर्ज पर यह व्यवस्था मौजूदा शिक्षण सत्र के लिए भी लागू रहेगी। सभी छात्र आंकलन रिपोर्ट के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट होंगे। कोविड-19 के दरमियान ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने असेसमेंट के आधार छात्रों को रिजल्ट और प्रगति-पत्रक प्रदान करने का आदेश जारी किया है।
लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक की ओर से सभी जिला शिक्षा धिकारी और संभागीय संयुक्त संचालकों को दिए गए दिशा-निर्देश के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में प्रदेश में पहले से यह नीति है कि कक्षा पहलीं से आठवीं तक के बच्चों को परीक्षा के आधार पर पिछली कक्षा में नहीं रोका जाता है। समस्त बच्चों को सामान्य रूप से अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश के सभी विद्यालयों में बच्चों की अकादमिक उपलब्धियों का सतत मूल्यांकन किया जाता है और उसके आधार पर आवश्यक शिक्षण देने की व्यवस्था की जाती है।
9वीं-11वीं के पेपर स्कूल से होंगे तय
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने एक अन्य जारी आदेश में कहा है कि 9वीं-11वीं के पेपर स्कूल में ही तय होंगे और परीक्षा भी स्कूल में ही आयोजित की जाएगी। माशिमं के सचिव ने इस संबंध में सभी स्कूल के प्रिसिंपल को आदेश जारी कर दिया है। माशिमं ने कहा है कि स्कूल प्रबंधन शीघ्र ही प्रश्न-पत्र तैयार करके अपने स्कूल में ही परीक्षा आयोजित कर परिणाम भी समय पर जारी करें। परीक्षा के दौरान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए कोविड-19 एसओपी का भी पालन हो।
लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक जितेंद्र शुक्ला ने कहा, कक्षा पहलीं से आठवीं तक पढ़ई तुंहर दुआर के माध्यम से विभिन्न कक्षाएं संचालित की गई हैं। साथ ही बच्चों का असेसमेंट पोर्टल में अपलोड किया गया है। विविध तरीकों से किए गए आंकलन के आधार पर छात्रों को प्रगति पत्रक जारी करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारियों को दिया गया है।
Published on:
30 Jan 2021 11:41 am
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