शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों का रोक दिया दो माह का वेतन, फिर से करेंगे प्रदर्शन
रायपुर/धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारी अपने वेतन के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अगर समय पर उन्हें वेतन नहीं मिला तो एक बार फिर से कर्मचारी दुकान का काम छोड़ सड़क पर प्रदर्शन करेंगे। आपको बता दें कि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को दो महीने का वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। पूर्व में अनुबंधित कंपनी ने करीब 35 लाख रुपए डकार लिया। परेशान कर्मचारियों ने अब श्रम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले में कुल 27 शराब दुकानें है। इनमें 19 देशी और 8 विदेशी शराब दुकानें हैं, जहां 140 सुपर वाइजर, सेल्समेन और मल्टीपरपस कर्मचारी कार्यरत है। जिले में बीते साल पूणे महाराष्ट्र की एक कंपनी ने यहां शराब विक्रय का ठेका लिया था, जिन्होंने कर्मचारियों का दो महीने का वेतन ही नहीं दिया।
बार-बार कर्मचारी कंपनी से संपर्क साधकर अपनी पसीने की कमाई मांग रहे हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाए कुछ नहीं मिला। कंपनी का चक्कर काटते छह महीने बीत गए, जब कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला तो उन्होंने इस गफलत की शिकायत कलक्टर, एसपी समेत आबकारी अधिकारी से भी की। यहां से भी न्याय नहीं मिलने पर सभी 140 सुपर वाइजर, मल्टीपरपस कर्मचारियों ने श्रम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। आडिट में सही रिपोर्ट आने पर भी उन्हें वेतन नहीं मिला, जिससे उन्हें श्रम न्यायालय में न्याय के लिए जाना पड़ा।
रोक दी मजदूरी
कर्मचारी महेन्द्र देवांगन, विनोद चौरे, खिलावन यादव आदि का कहना है कि शासन ने सुपर वाइजर को 15 हजार रुपए, सेल्समेन को 10 हजार 6 सौ रुपए तथा मल्टीपरपस कर्मचारियों के लिए 8 हजार 4 सौ रुपए मासिक वेतन निर्धारित किया था। नए सत्र में दुकान संचालन शासन के अंडर में आने के बाद पूणे की कंपनी ने उनके दो महीने की मजदूरी को रोक दिया।