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NFSA: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन की रैकिंग में ओडिशा अव्वल, छत्तीसगढ़ 19वें स्थान पर

ओडिशा, यूपी, आंध्र, गुजरात और दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव शीर्ष पांच में शामिल हैं पंजाब 16वें, हरियाणा 17वें, दिल्ली 18वें, छत्तीसगढ़ 19वें और गोवा 20वें स्थान पर है 14 विशेष श्रेणी के राज्यों में हिमाचल प्रदेश दूसरे स्थान पर

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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन की रैकिंग में ओडिशा अव्वल, छत्तीसगढ़ 19वें स्थान पर

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन की रैकिंग में ओडिशा अव्वल, छत्तीसगढ़ 19वें स्थान पर

रायपुर. राशन की दुकानों के जरिये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) को लागू करने की राज्यों की रैंकिंग में ओडिशा शीर्ष पर है। उसके बाद उत्तरप्रदेश और आंध्रप्रदेश का स्थान है। वहीं 20 बड़े राज्यों में पंजाब 16वें स्थान पर है, उसके बाद हरियाणा 17वें, दिल्ली 18वें, छत्तीसगढ़ 19वें और गोवा 20वें स्थान पर है।
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने यहां भारत में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पर राज्यों के खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान 'एनएफएसए के लिए राज्यों का रैकिंग इंडेक्स-2022' जारी किया। विशेष श्रेणी के राज्यों (पूर्वोत्तर राज्य, हिमालयी राज्य और द्वीपीय राज्य) में त्रिपुरा पहले स्थान पर रहा। उसके बाद क्रमश: हिमाचल प्रदेश और सिक्किम का स्थान रहा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉजिस्टिक के मोर्चे पर अपनी सीमा के बावजूद इन राज्यों ने सामान्य श्रेणी के प्रदेशों के साथ अच्छी प्रतिस्पर्धा की। सरकार द्वारा जारी रैकिंग के अनुसार, ओडिशा 0.836 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा। उसके बाद उत्तरप्रदेश (0.797 अंक) और आंध्रप्रदेश (0.794) का स्थान रहा।
गुजरात सूची में चौथे स्थान पर रहा। उसके बाद सूची में शामिल अन्य राज्यों में दादरा एवं नगर हवेली, दमन दीव, मध्यप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु और झारखंड का स्थान रहा। केरल की रैकिंग 11वीं रही। तेलंगाला 12वें, महाराष्ट्र 13वें, पश्चिम बंगाल 14वें और राजस्थान 15वें स्थान पर रहा। पंजाब का स्थान 16वां रहा। पंजाब के बाद हरियाणा, छत्तीसगढ़ और गोवा का स्थान है। मूल्यांकन के निष्कर्षों से पता चला है कि अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग और ईपीओएस स्थापना में अच्छा प्रदर्शन किया है, जो सुधारों को दर्शाता है।