INDIAN RAILWAY: इससे पहले तक वेंडरों के परिचय पत्र में केवल वेंडर की फोटो लगाकर बिना सील-मुहर के ही जारी कर दिया जाता था। इसी का फायदा अवैध रूप से स्टेशन में वेंडिंग कराने वाले उठाते रहे हैं। प्रशासन के इस फैसले पर रेलवे खानपान सेवा ठेकादारी कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष ऋषि कुमार उइके ने आभार जताया है।
INDIAN RAILWAY: रायपुर. रेलवे स्टेशन में यात्रियों को खानपान की सप्लाई करने वाले अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसने के लिए ठोस कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन के इस कदम से अब स्टेशन के स्टॉलों, कैंटीन और रेस्टोरेंट में जो वेंडर अधिकृत रूप से काम करते हैं, उनकी पहचान आसानी से हो सकेगी। क्योंकि नया आईडी कार्ड फोटो के चेहरे तक मुहर लगाकर जारी किया जा रहा है। ताकि कोई दूसरा व्यक्ति उस आईडी का उपयोग करके स्टेशन में खानपान की सप्लाई न कर सकें।
दरअसल, अभी तक पुराने ढर्रे पर वेंडरों को परिचय कार्ड जारी किया जाता रहा है। उससे यह होता था कि किसी भी वेंडर से आईडी कार्ड लेकर उसकी फोटो की जगह कोई दूसरे व्यक्ति का फोटो लगाकर स्टेशन में बाहर से खानपान लाकर बेचने का कारोबार फलने-फूलने लगता था। यह शिकायत लंबे समय से बनी हुई थी। परंतु पत्रिका में लगातार खबरें प्रकाशित होने और रेलवे खानपान सेवा ठेकादारी कर्मचारी कल्याण की ओर से लगातार अवैध वेंडर्स और फर्जी परिचय पत्र की शिकायत रेलवे प्रशासन से की जाती रही है। इसके बाद अब जाकर रेलवे प्रशासन ने वेंडर परिचय पत्र जारी करने का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है।