
किसानों के आंदोलन को लेकर मंत्री ने कहा- किसानों की छह मांगें पूरी, किसान नेता बोले- भ्रम फैला रहा शासन
रायपुर. नवा रायपुर में पिछले 61 दिनों से आंदोलनरत 27 गांवों के किसानों की छह मांगें पूरी करने का दावा करते हुए आवास मंत्री मोहम्मद अकबर ने किसानों से आंदोलन वापस लेने की अपील है। मंत्री अकबर ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में बताया कि नई राजधानी प्रभावित किसानों ने जो मांगे रखी थी उनमें से अधिकांश मांग पूरी कर दी गई है। किसानों की मांगों पर विचार करने के संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा 3 सदस्यीय मंत्री स्तरीय समिति का गठन किया गया था। किसानों की मांगों पर 3 बैठकें भी हुई। इस मंत्री स्तरीय समिति की बैठक के बाद 6 मांगों पर सिफारिश जारी की गई। नवा रायपुर अटल नगर के संचालक मंडल की बैठक में इस इन सिफारिशों को मान्य किया गया।
ये मांगें पूरी करने का दावा
1. जो जहां बसे हैं वहीं ग्रामीण बसाहट का आवासीय पट्टा का वितरण।
2. जिसने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को जमीन दी है या प्रभावित की श्रेणी में आता है उसे पात्रतानुसार 1200 से 2500 वर्गफीट तक आवासीय भूमि दी जाएगी।
3. ऑडिट आपत्ति का होगा निराकरण और दी जाएगी राशि ।
4. प्रभावित परिवारों को मिलेगा रोजगार। एनआरडीए की निविदा में 60 प्रतिशत रोजगार देने की शर्तों जोड़ी जाएगी।
5. दुकान, गुमटी, चबुतरा व हॉल का होगा आवंटन ।
6. नवा रायपुर में जमीनों की खरीद-बिक्री पर 13 और ग्रामों को अनापत्ति की आवश्यकता से मुक्त किया गया है।
किसान नेता बोले- भ्रम फैला रहा शासन
इधर, आंदोलनरत किसानों ने आवास मंत्री की बात का खंडन करते हुए कहा कि शासन छह मांगें पूरी करने का भ्रम फैला रहे हैं। नई राजधानी प्रभावित किसान समिति के अध्यक्ष रुपन चद्राकर का कहना है कि शासन प्रशासन जो जो मांगें पूरी करने का दावा कर रही है, उसमें 5 मांगें तो सशक्त समिति की 12वीं बैठक 2013 में लिए गए निर्णय मात्र है। जिसका समग्र परिपालन न भाजपा शासन काल में हुआ था और न वर्तमान सरकार कर रही है। पूर्व निर्णयों को आनन-फानन में कई शर्तें लाद कर, आधा अधूरा आदेश जारी कर सरकार लोगों को भ्रमित कर रहीं हैं। इसे ही 6 मांगें पूरी होने के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
इन मागों को लेकर सड़क पर किसान
1. 2005 से भू- क्रय- विक्रय पर प्रतिबंध हटाने। लेयर 1 के 14 गावों में आज भी प्रतिबंध लागू।
2. नगरीय क्षेत्र की अधिसूचना रद्द कराने ।
3. सम्पूर्ण ग्रामीण बसाहट का पट्टा दिया जाए। शासन 1200 से 2500 वर्ग फीट देने की बात कर रहा।
4. 1200 वर्ग फीट विकसित, भूखंड (2022 की तिथि में नहीं दे रहे हैं।)
5. आपसी सहमति एवं भू-अर्जन से अर्जित भूमि के अनुपात में निशुल्क भूखंड नहीं दे रहा ।
6. सरकार सभी अर्जित भूमियों को वार्षिकी राशि नहीं दे रही है ।
7. 12 वीं बैठक के निर्णयों का पालन, मात्र इसी में से 5 बिंदु पर परिपालन का आदेश।
8. मुआवजा प्राप्त नहीं हुए एवं नया भू-अर्जन कानून का परिपालन नहीं।
Published on:
05 Mar 2022 10:58 am
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