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प्लास्टिक बोतल में खुलेआम बिक रही शराब

खरोरा. राज्य में प्लास्टिक को पूरी तरह से प्रतिबंंध करने के बावजूद सरकार खुद ही प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेच रही है।

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प्लास्टिक बोतल में खुलेआम बिक रही शराब

प्लास्टिक बोतल में खुलेआम बिक रही शराब

खरोरा. राज्य में प्लास्टिक को पूरी तरह से प्रतिबंंध करने के बावजूद सरकार खुद ही प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेच रही है। नगर की शराब दुकानों में धड़ल्ले से प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेची जा रही है। जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
आबकारी अधिकारियों के मुताबिक विभाग ने प्लास्टिक की बोतलों में शराब की बिक्री पर रोक लगा दिया है। मंत्रालय ने आदेश जारी कर सभी आबकारी अफसरों को निर्देशित किया कि देशी शराब कांच की बोतल में बेची जाएं। प्लास्टिक की बोतल को बंद किया जाए, लेकिन इस आदेश का पालन कहीं होता नहीं दिख रहा है। गौरतलब है कि नगर में लगभग देशी शराब की हर महीने खपत लाखों लीटर में हैं। ऐसे में खपत ज्यादा होने उतनी मात्रा में प्लास्टिक की बाटलों की मांग भी थी। यही प्लास्टिक की बाटल बिकने के बाद कचरे के ढेर में फेंक दी जाती हैं। जो शराब दुकान के आजू-बाजू खेतों में आसानी देखे जा सकते हैं।
आबकारी विभाग का कहना है कि प्लास्टिक बाटल में शराब बेचने का निर्णय मिलावट को रोकने के लिए किया था, लेकिन इसके चलते पर्यावरण को अधिक नुकसान हो रहा है। जानकारों ने बताया कि महंगे अंग्रेजी शराब कांच के बाटल में बेची जाती है। उसमें मिलावट ने होने पाए इसके लिए बाटलों में सीलिंग की जाती है। सील टूटने से ग्राहक यह जान जाता था कि शराब में गड़बड़ है। देशी शराब में कांच के बाटल में सीलिंग नहीं होती थी, इसलिए विक्रेता उसमें मिलावट करके मुना्रा कमाता था। इसलिए विभाग ने उसकी जगह प्लास्टिक की बाटल का उपयोग करना शुरू किया। पर्यावरण को हो रहे नुकसान के चलते शासन ने इसे फिर से बंद करने का आदेश दिया है। फिलहाल प्लास्टिक की बोतलों में शराब बिक रही है।

पांच दिन में 60 लाख की शराब गटक गए
रायपुर जिले में नगर की दोनों शराब दुकान शराब की सबसे अधिक खपत है। यहां पिछले साल की तुलना में ज्यादा कारोबार कर महज पांच दिन दीपावली में 60 लाख की शराब पी ली है। बिक्री के आंकलन मुताबिक परिक्षेत्र में लगभग 65 से 70 प्रतिशत शराब पीने के शौकीन हैं।

अभी जो भी प्लास्टिक पर शराब का स्टाक है उसे दिसंबर तक स्टाक निकालने की छूट दी गई हैं। जनवरी से कांच की बोतल पर शराब बेची जाएगी।
जीआर आदेश, आबकारी अधिकारी