
भाठागांव दान की जमीन बिकने से किसानों में हड़कप
दिनेश यदु @ रायपुर. भाठागांव क्षेत्र में दान में मिली लगभग 40 एकड़ जमीन पर किसान पिछले 35-40 वर्षों से सब्जी उगाकर अपने परिवार का लालन-पालन कर रहे हैं। अचानक उन्हें पता चला का उनकी जमीन बिक चुकी है, तो किसानों के होश उड़ गए। किसानों ने इसकी शिकायत पार्षद से की है। राजधानी से सटे भाठागांव में 38 किसानों का समूह इस जमीन पर सब्जी, फूल सहित कई प्रकार के खेती कर रहे हैं, लेकिन 4 सितंबर को जब किसानों ने कुछ लोगों को सड़क के किनारे व खेत के मेड़ पर खड़े होकर नाप-जोख करते देखा तो पता चला कि खेत बिक चुका है। जब उन्होंने नाप कर रहे लोगों से पूछा तो उन लोगों ने बताया कि हमारे मालिक ने हमें खेत का नाप करने भेजा है।
1987-1988 से मिली थी दान पर
1987-88 के करीब गांव के कुछ लोगों ने चारागाह के लिए जमीन दान की थी, जिसे भूमिहीन किसानों ने पंचायत से मांग करके खेती शुरू की। 2009-10 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना में भी इन खेतों को शामिल किया गया।
किसानों ने कहा
विशंभर सोनकर ने कहा कि यहां की खेती की तारीफ पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी ने की थी। यहां आकर उन्होंने सभी किसानों से कहा था कि खेती कीजिए कोई टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व खेल कर रहे हैं।
शांताराम सोनकर कहा कि पूर्व महापौर ने यहां पर भवन बनाने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन हमने उस समय मुलाकात कर अपनी समस्या बताई तो उन्होंने प्रस्ताव वापस ले लिया था।
गोविंदराम सोनकर कहा कि हमने सुना है कि खेत बिक गया है। 30-35 वर्षों से खेत में अपना पूरा परिवार का पाला है हमें अगर कोई यहां से हटाएगा तो हम हटने वाले नहीं।
भोलाराम सोनकर कहा कि कुछ लोग हमारी जमीन का सर्वे करने आये थे, जमीन के मालिक ने भेजा था। लेकिन यहां जमीन तो लोगों ने दान किया है। फिर अचानक इस जमीन का मालिक कहां से आ गया।
पार्षद सतनाम सिंह पनाग मुझे यहां के लोगों के माध्यम से पता चला कि कुछ लोग यहां पर जमीन का नाप करने आए थे, लेकिन ये जमीन इन लोगों को ग्राम पंचायत से मिली है। जल्द ही मुख्यमंत्री से चर्चा करने जाएंगे।
Published on:
11 Sept 2023 08:30 pm
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