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पटवारी को खेत में खड़ा होकर खिंचाना होगा खुद का फोटो

एक अगस्त से शुरू होगी खरीफ फसलों की गिरदावरी, 20 सितम्बर तक चलेगी गिरदावरी, 28 तक दावा आपत्ति का मौका

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पटवारी को खेत में खड़ा होकर खिंचाना होगा खुद का फोटो

पटवारी को खेत में खड़ा होकर खिंचाना होगा खुद का फोटो

रायपुर. अगले महीने से राजस्व पटवारी आपको खेतों में खड़े होकर फोटो खिंचाते नजर आएंगे। ऐसा उनको गिरदावरी के सत्यापन के लिए करना होगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
राज्य में खरीफ फसलों की गिरदावरी 1 अगस्त से शुरू हो रही है। सभी गांवों में फसलों का रकबा दर्ज करने का काम 20 सितम्बर तक होगा। ग्रामवार गिरदावरी का प्रारंभिक प्रकाशन 21 सितम्बर तक किया जाएगा। 28 सितम्बर तक इसपर दावा आपत्ति भी ली जानी है। दावा आपत्ति का निराकरण कर खसरा पांचसाला एवं भुईंया सॉफ्टवेयर की प्रविष्टि में 14 अक्टूबर तक संशोधन किया जाएगा।

निर्देश है, गिरदावरी के दौरान पटवारी और राजस्व निरीक्षक द्वारा किसान द्वारा धारित भूमि का खसरावार फोटोग्राफ मोबाइल पर अनिवार्य रूप से लिया जाए। इसकों डिजीटली संबंधित राजस्व अधिकारी को अभिलेख के लिए भेजना भी है। पटवारी को एक स्लेट पर चाक से खेत का खसरा नम्बर लिखकर फोटो खिंचवाना है। यह फोटो खसरा नंबरों के बढ़ते हुए क्रम में लिए जाएंगे। मतलब खसरा नंबर एक, दो, तीन, चार. प्रत्येक खसरा नम्बर में कृषक द्वारा बोई गई फसल का विवरण भुईया सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा, ताकि इसका उपयोग पंजीयन के लिए किया जा सके। खसरे में अंकित रकबे से अनुपयोगी भूमि, पड़ती भूमि, निकटवर्ती नदी-नालों की भूमि, निजी तलाब, डबरी की भूमि, कृषि उपयोग के लिए बनाए गए कच्चे-पक्के शेड आदि की भूमि को पंजीयन में से कम करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मंदिरों की जमीन के वास्तविक जोतदारों के भी लिए जाएंगे नाम
गिरदावरी के दौरान विधिक व्यक्तियों (मंदिर के देवता को कानूनी रूप से व्यक्ति माना जाता है, उनके नाम पर जमीन पंजीकृत हो सकती है) द्वारा धारित भूमि एवं और उस पर धान की खेती करने वाले वास्तविक किसानों की जानकारी भी तैयार करने को कहा गया है। कृषकों से आधार नम्बर उनकी सहमति से प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए है। यदि किसी भी कृषक के पास आधार नम्बर नहीं है तो ऐसे कृषकों को आधार नम्बर दिलाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन के लिए कहा गया है।