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धरना स्थल बना सजा स्थल

- तूता में न पीने का पानी और न शौचालय की उचित व्यवस्था - एक साल में ही सुविधाएं बदहाल, प्रदर्शनकारियों की बढ़ी परेशानी

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धरना स्थल बना सजा स्थल

धरना स्थल बना सजा स्थल

दिनेश यदु @ रायपुर.आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने बूढ़ातालाब धरना स्थल को करीब 6 माह पहले नवा रायपुर के तूता में शिफ्ट किया था। यहां विभिन्न संगठनों के लोग धरना, प्रदर्शन और आंदोलन कर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखते हैं। करीब एक साल पहले तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार ने धरना स्थल इसी जगह पर तय किया था। एनआरडीए की जमीन पर धरना स्थल बनाने की तैयारी शुरू भी कर दी गई थी, जिसमें पेयजल के लिए बोर, गार्डरुम, रसोईघर व सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। लेकिन, ये सुविधाएं सालभर भी नहीं चली। यहां शौचालय की हालत खराब हो चुकी है, वहीं बोर में पानी नहीं आने के कारण नगर निगम से 17 किमी दूर तूता में पानी टैंकर भेजना पड़ रहा है। अब ऐसे में प्रदेशभर से आए महिला-पुरुष आंदोलनकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया दर्द


खुले में शौच जाने को मजबूर
बिहान कैडर संघ की ओम लता देशमुख ने बताया कि विगत कई दिनों से बिहान कैडर संघ की महिलाएं अपनी मांगों को लेकर पहुंची हैं, लेकिन धरना स्थल में बनाया गया शौचालय पूरी तरह से टूट चुका है, और पानी की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण हम खुले में शौच करने पर मजबूर हैं, गांव वालों से सहयोग मांगने जाते हैं। शहर के भीतर किसी राजनीतिक दल वाले प्रदर्शन करते हैं, उनके लिए किसी भी प्रकार से नियम नहीं रहता है, और हमें यहां बंजर में लाकर छोड़ दिए हैं।

न नल और न पानी

विद्या मितान, अतिथि शिक्षक कल्याण संघ के धर्मेन्द्र वैष्णव ने बताया कि जब से शहर से दूर धरना स्थल हुआ है, तब से लोगों को आवाजाही में परेशानी तो हो ही रही है। इसके अलावा पानी, खाने व शौच के लिए भी लोगों को भटकना पड़ रहा है। नगर निगम से दो से तीन टैंकर पानी तो लाते हैं, जो जल्द ही खत्म हो जाता है। शौचालय में न ही पानी है, और न ही नल है। जो नल, दरवाजा है वह क्षतिग्रस्त हो चुका है। ऐसे में हम लोगों को दिक्कतें होती है।


शेड में मवेशियों से खतरा

विद्या मितान, अतिथि शिक्षक कल्याण संघ के भावना ने बताया कि जब हम लोग शहर में प्रदर्शन कर रहे थे, तो वहां पर हमें हर प्रकार की सुविधा मिल जाती थी। लेकिन जब से नवा रायपुर तूता धरना स्थल आए हैं, खाने से लेकर शौच तक हम लोगों को भटकना पड़ रहा है। इसमें भी रात को हमारी महिलाएं धरनास्थल पर बने शेड में रहतीं हैं। इस दौरान आवारा मवेशी यहां आकर बैठ जाते हैं। कई बार महिलाएं इन मवेशियों से बाल-बाल बची हैं।