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किसानों के लिए वरदान बनी सरकार की ये योजना, हड़मा कोड़ोपी की लाखों में हो रही कमाई! आप भी उठाए लाभ

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana: मोदी सरकार ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की है। इनमें पीएम धन-धान्य कृषि योजना भी शामिल है। जिससे जुड़कर हड़मा कोड़ोपी की सलाना आय 1 लाख रुपए तक पहुंच गई है…

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PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana

मछली पालन से बदली कृषक हड़मा कोड़ोपी की जिंदगी ( Photo - Patrika )

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) भारत सरकार की एक नई पहल है, जिसका लक्ष्य देश के 100 कम उत्पादकता वाले कृषि जिलों को लक्षित करके कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं में सुधार करना और किसानों को आसान ऋण उपलब्ध कराना है। ( CG News ) पीएम धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन देश की कृषि को नई दिशा देंगे। इन योजनाओं से न केवल कुल कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि कम उत्पादकता वाले, पिछड़े और सिंचाई की सुविधाओं से वंचित जिलों को विशेष लाभ मिलेगा।

PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana: आधुनिक तकनीक से जीवन में आया बड़ा बदलाव

दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड के ग्राम समेली के किसान हड़मा कोड़ोपी ने मछली पालन को अपनाकर अपनी जीवनशैली बदल दी है। उन्हें यह सफलता प्रधानमंत्री धन धान्य योजना तथा मछली पालन विभाग से मिली तकनीकी सहायता की वजह से प्राप्त हुई। कोड़ोपी ने कई वर्ष पहले अपनी निजी भूमि के आधा एकड़ क्षेत्र में पारंपरिक तरीके से मछली पालन शुरू किया था। लेकिन योजना के अंतर्गत आय में बढ़ोतरी और आधुनिक तकनीक अपनाने के प्रोत्साहन ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया।

आधुनिक तकनीक से कई गुना बढ़ा उत्पादन

मछली पालन विभाग से जुड़ने के बाद उन्हें उन्नत पद्धतियों, वैज्ञानिक तरीकों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिली। विभागीय सहयोग से उन्होंने 0.10 हेक्टेयर क्षेत्र में पाण्ड लाइनर का निर्माण कराया। इस तकनीक से पानी का संरक्षण, मछलियों की तेज वृद्धि, रोगों की रोकथाम और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित हुई। परिणामस्वरूप उत्पादन कई गुना बढ़ गया।

तीन लाख रुपये की वार्षिक आमदनी

उन्नत तकनीकों का लाभ मिलने पर कोड़ोपी को अपने पुराने तालाब से प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रुपये की आय होने लगी, जबकि पाण्ड लाइनर वाले तालाब से दो लाख रुपये तक की आमदनी प्राप्त हो रही है। इस तरह उन्हें कुल मिलाकर तीन लाख रुपये की वार्षिक आय हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो गई है। योजना के तहत उन्हें मत्स्याखेट उपकरण, आइस बॉक्स, मछली बीज आदि सुविधाएँ भी मिलीं, जिनसे उनका व्यवसाय और सशक्त हुआ। कोड़ोपी बताते हैं कि समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का साथ न मिलता, तो वे इतनी प्रगति नहीं कर पाते।

मत्स्य पालक किसानों के लिए बना प्रेरणास्रोत कोड़ोपी

आज हड़मा कोड़ोपी न केवल अपने परिवार को आत्मनिर्भर बना रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गए हैं। प्रधानमंत्री धन धान्य योजना और विभागीय सहयोग ने यह सिद्ध किया है कि उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है।