
अपने साथ दुकान ले जाते थे बच्चों को, फिर लोगों को चूना लगाने अपनाते थे ये हत्कण्डा
रायपुर . छत्तीसगढ़ में पुलिस की सक्रियता के बावजूद बाहरी चोर गिरोह दो जगह हाथ साफ करने में सफल हो गया, लेकिन पुलिस ने अगले दिन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ भी लिया। सभी आरोपी महिलाएं हैं और बाजार में खरीदारी व छोटे बच्चों की आड़ में चोरी करती थीं। और जांजगीर-चांपा के अकलतरा से रायपुर पहुंची थीं। और बड़े पैमाने में चोरी करने की तैयारी में थीं। आरोपी महिलाओं से चोरी का माल बरामद हो गया है। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया।
रविवार को गोलबाजार में खरीदारी करने पहुंची मीना साहू का पर्स चोरी हो गया था। पर्स में ४५०० रुपए थे। चोरी होने से पहले नीले रंग की साड़ी पहनी एक महिला उसके आसपास काफी देर तक मंडरा रही थी। इसी तरह जितेश्वरी साहू कपड़ा मार्केट में खरीदारी कर रही थी। इस दौरान उनके आसपास तीन महिलाएं थीं। उनके साथ एक बच्चा भी था। थोड़ी देर बाद जितेश्वरी के बैग से पर्स गायब हो गया। महिलाएं और बच्चा भी नदारद था। पीडि़त महिलाओं ने मामले की थाने में शिकायत की। इसके बाद बाजार में तैनात क्राइम ब्रांच की टीम और थाना स्टॉफ ने संदिग्ध महिलाओं के हुलिए के आधार पर उनकी तलाश शुरू की।
40 सदस्यीय टीम ने पकड़ा- अकलतरा में चोरी करने वाली कई महिलाएं हैं, जो समूह बनाकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमती हैं। सुबह बस से रायपुर आती हैं और चार-पांच चोरियां करने के बाद वापस लौट जाती हैं।
बाजार में सुरक्षा के लिहाज से क्राइम ब्रांच और थानों के 40 लोगों की खास टीम तैनात की गई है। इसी टीम ने महिला चोरों को पकड़ा है। उल्लेखनीय है कि त्योहार के समय महाराष्ट, मध्यप्रदेश की कई महिला चोर और उठाईगिरी करने वाले गिरोह आते हैं।
एेसे करती हैं चोरी- अकलतरा गिरोह की महिलाएं समूह में घूमती हैं। और सभी 100 या 200 मीटर की दूरी पर रहती हैं। वे अपने साथ छोटे बच्चे भी रखती हैं। खरीदारी करने के बहाने दुकान और अन्य लोगों के आसपास ही घूमने लगती हैं। जैसे ही खरीदार का ध्यान भटकता है, महिलाएं पर्स, चेन या अन्य कीमती सामान चुरा लेती हैं। चोरी का सामान तत्काल अपने साथ लाए बच्चे को देती हैं। बालक उस सामान को गिरोह की दूसरी महिला को दे देता है। इसके बाद वह महिला सामान लेकर फरार हो जाती हैं।
इस बीच बाजार में एक अन्य महिला चोरी करते हुए पकड़ी गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने उस महिला से पूछताछ की। इसके बाद उसने बताया कि वे चार महिलाएं हैं और जांजगीर-चांपा की अकलतरा से आई हैं। उन्होंने चोरी की दो घटनाओं में उनका हाथ होना स्वीकार किया है। इसके बाद पुलिस की टीम ने ललिता मराठी, मोंगरा धमदेर, साक्षी बाई मराठी और पद्मा बाई को पकड़ा। सभी ने पूछताछ में चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद उनसे चोरी का माल बरामद हो गया। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
Updated on:
06 Nov 2018 11:47 am
Published on:
06 Nov 2018 11:46 am
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