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आपके घर कभी भी आ सकती है पुलिस, रखें ये दस्तावेज, नहीं तो जानी पड़ेगी जेल

ज्यादातर लोगों में माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी।

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CG news

रायपुर . शहर के आउटर क्षेत्र बोरियाखुर्द स्थित आरडीए कॉलोनी में शनिवार सुबह हड़कंप मच गया। लोग दस्तावेजों को लेकर इधर से उधर भागते दिखें। ज्यादातर लोगों में माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी।

दरअसल, बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और अफसर डोर टू डोर जांच कर रहे थे कि यहां के फ्लैट्स में कितने लोग किराए में रह रहे हैं। अगर रेंट में हैं तो उनके पास किरायानामा है कि नहीं। यहां हम आपको बता रहें है कि अगर अपके घर कोई किरायदार भी नहीं है तो इन बातों का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है..

सर वाट्सएप करूं क्या
दिन की शुरुआत ही जब गहमागहमी से हो तो लोगों को कुछ सूझता नहीं है। घर से जुड़े कागजात को ढूंढने में ही यहां के रहवासी परेशान नजर आए। एक महिला ने तो पुलिस वालों को वॉट्सएप में घर से जुड़े पेपर भेजने का आग्रह करने लगी।

सर मुझे मॉल जाना
एक शख्स ऐसा भी था जिसे ड्यूटी के लिए मॉल जाना था लेकिन कागज नहीं होने की वजह से उसे पूछताछ करने वहां आई बस में थाने चलने की बात कही गई। इस पर युवक कहने लगा कि सर मुझे काम पर मॉल जाना है। मिसेस को भेजूं क्या।

50 से ज्यादा लोगों को लाया थाना
जांच के दौरान जिनके पास कागज नहीं मिले उन्हें टिकरापारा थाने ले जाया गया। कुछ को मौके पर ही समझाइश दी गई। हैरान-परेशान लोग अपने सगे-सम्बन्धियों को फोन लगाते नजर आए।

लेनी पड़ती है अनुमति
बैकग्राउंड चेकिंग ही काफी नहीं होती। आपको पुलिस से इसके लिए बाकायदा अनुमति लेनी पड़ती है। दरअसल, स्थानीय पुलिस स्टेशन में किराएदार का वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं करना आईपीसी की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध है। मकान मालिक को पुलिस वेरिफिकेशन फॉर्म भरकर इसके साथ किराएदार की फोटो और पैन कार्ड, लीज एग्रीमेंट जैसे डॉक्युमेंट्स थाने में जमा करने होते हैं। अगर आप प्रॉपर्टी 11 महीने या इससे ज्यादा के लिए किराए पर दे रहे हैं, तो लीज एग्रीमेंट कराना जरूरी है।