
EV: ओवरचार्जिंग और गलत कनेक्शन से हादसे का डर, चार्जिंग में जरा सी चूक खतरनाक
इंदौर हादसे ने ईवी गाडिय़ों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे को लेकर जब विशेषज्ञों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ओवर चार्जिंग और घरों में गलत कनेक्शन से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग तेजी से बढ़ रही है और हर महीने 3300 से ज्यादा ईवी की बिक्री हो रही है, लेकिन इसके साथ ही सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।
हाल ही में इंदौर में हुई घटना के बाद ईवी वाहन चालकों और खरीदारों में सतर्कता बढ़ी है। राजधानी रायपुर में हर महीने करीब 1000 दोपहिया और 125 चारपहिया ईवी बिक रही हैं, जबकि पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा 3000 से ज्यादा तक पहुंच गया है। बढ़ती डिमांड के बीच विशेषज्ञ अब साफ तौर पर चेतावनी दे रहे हैं कि यदि चार्जिंग के दौरान जरूरी सावधानियां नहीं बरती गईं, तो यह तकनीक जोखिम भरी साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ईवी चार्जिंग के दौरान सही कनेक्शन, सर्टिफाइड चार्जर और उचित अर्थिंग बेहद जरूरी है। घरों में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से भी बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है और आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। आईआईटी के प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार का कहना है कि कंपनियों को बैटरी की थर्मल एनालिसिस पर खास ध्यान देना चाहिए, वहीं उपभोक्ताओं को भी यह समझना होगा कि सफर से लौटते ही तुरंत चार्जिंग शुरू करना सही नहीं है। बैटरी का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने के बाद ही चार्जिंग करनी चाहिए और कम से कम 5 मिनट का गैप रखना जरूरी है। रायपुर ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैलाश खेमानी ने बताया कि सही आदतें अपनाने से जोखिम लगभग खत्म किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक गाडिय़ां भविष्य की जरूरत हैं, लेकिन उनकी सुरक्षित चार्जिंग हमारी जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हम बड़े हादसों से बच सकते हैं।
Updated on:
19 Mar 2026 12:01 am
Published on:
19 Mar 2026 12:00 am
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