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अब ATM से निकलेगा चावल! छत्तीसगढ़ में लगेगा प्रदेश का पहला ‘ग्रेन एटीएम’, जानें कैसे करेगा काम…

Chhattisgarh Grain ATM: (PDS) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब बैंक एटीएम की तर्ज पर ‘ग्रेन एटीएम’ के जरिए राशन वितरण की तैयारी है।

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अब ATM से निकलेगा चावल! छत्तीसगढ़ में लगेगा प्रदेश का पहला ‘ग्रेन एटीएम’, जानें कैसे करेगा काम...(photo-AI)

अब ATM से निकलेगा चावल! छत्तीसगढ़ में लगेगा प्रदेश का पहला ‘ग्रेन एटीएम’, जानें कैसे करेगा काम...(photo-AI)

Chhattisgarh Grain ATM: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब बैंक एटीएम की तर्ज पर ‘ग्रेन एटीएम’ के जरिए राशन वितरण की तैयारी है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत राजधानी रायपुर के शास्त्री मार्केट क्षेत्र में प्रदेश का पहला ग्रेन एटीएम लगाने की योजना बनाई गई है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।

Chhattisgarh Grain ATM: राशन वितरण में तकनीकी बदलाव की शुरुआत

खाद्य विभाग इस नई पहल के जरिए राशन वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। ग्रेन एटीएम मशीन के माध्यम से लाभार्थी सीधे मशीन से निर्धारित मात्रा में अनाज प्राप्त कर सकेंगे। इससे पारंपरिक उचित मूल्य दुकानों पर निर्भरता कम होगी।

बायोमेट्रिक सत्यापन से मिलेगा अनाज

इस प्रणाली में हितग्राही को राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा या आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद मशीन से तय मात्रा में चावल या गेहूं बाहर निकल आएगा। अधिकारियों के मुताबिक इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और तौल में गड़बड़ी या हेराफेरी की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।

पायलट प्रोजेक्ट के बाद पूरे प्रदेश में विस्तार

सूत्रों के अनुसार, रायपुर में सफल क्रियान्वयन के बाद इस योजना को चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में इस तरह की मशीन आधारित व्यवस्था को लागू करना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।

ग्रेन एटीएम 24 घंटे चालू रह सकता है, जिससे मजदूर और दैनिक वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे कामकाजी लोगों की परेशानी कम होगी।

अन्य राज्यों में सफल प्रयोग

बिहार, ओडिशा, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में ग्रेन एटीएम का सफल प्रयोग पहले ही हो चुका है। वहां इस प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ी है और उपभोक्ताओं को तेज व सुगम सेवा मिली है। इसी मॉडल को देखते हुए छत्तीसगढ़ में भी इसे लागू करने की पहल की जा रही है।

खाद्य वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव संभव

यदि यह योजना सफल होती है, तो प्रदेश की खाद्य वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और उपभोक्ताओं को आसान, तेज और भरोसेमंद सेवा मिलेगी।

कैसे काम करेगा ग्रेन एटीएम?

ग्रेन एटीएम की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और तेज होगी। हितग्राही को सबसे पहले राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा या आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। इसके बाद वह मशीन में उपलब्ध विकल्पों के अनुसार अनाज का प्रकार और निर्धारित मात्रा का चयन करेगा। चयन होते ही करीब 30 सेकंड के भीतर गेहूं या चावल मशीन से बाहर निकल आएगा। पूरी व्यवस्था बैंक एटीएम की तरह स्वचालित होगी, जिससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

फैक्ट फाइल: रायपुर

  • कुल राशनकार्ड: 6,51,081
  • प्राथमिकता श्रेणी: 4,50,054
  • अंत्योदय कार्ड: 71,123
  • एपीएल कार्ड: 1,26,240

ग्रेन एटीएम: सुविधा और पारदर्शिता का नया विकल्प

ग्रेन एटीएम योजना सिर्फ तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनता के लिए राशन वितरण में सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का एक नया विकल्प भी साबित हो सकती है। इससे न केवल भ्रष्टाचार और हेराफेरी की संभावना कम होगी, बल्कि लाभार्थियों को तेज और भरोसेमंद सेवा भी मिलेगी। अब यह देखना बाकी है कि पायलट प्रोजेक्ट रायपुर में कितनी सफलता हासिल करता है और इसे पूरे प्रदेश में कब तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।