
धर्मांतरण को लेकर फिर सियासत, आमने-सामने भाजपा- कांग्रेस, एक-दूसरे पर कसा तंज
बुधवार को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि विधानसभा चुनाव में हम लोगों ने अटल संकल्प पत्र जारी किया था। जल्द ही वादा को हम पूरा करेंगे। चुनाव के समय हमारा वादा था कि धर्मांतरित व्यक्ति को मूल धर्म में वापसी कराने वाली संस्था और व्यक्ति को सम्मानित करेंगे।
अरुण साव ने कहा कि हम जल्द ही ऐसी संस्था और लोगों को राजा प्रवीर चंद्र भंजदेव और दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर सम्मान देंगे। साथ ही उन्होंने कहा, प्रदेश में हरेली हमारा परंपरागत त्योहार है, हरेली हमारे किसानों का और गांव का त्योहार है। धूमधाम से इस बार भी हरेली का त्योहार मनाया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, कांग्रेस पार्टी किस संस्कृति और सभ्यता को मानती है, यह भी उन्हें जाहिर करना चाहिए। कांग्रेस ने त्योहारों के नाम पर छत्तीसगढ़ की जनता को लूटने और धोखा देने का काम किया है। छत्तीसगढ़ की जनता जानती है कि दिखावा और नौटंकी से कुछ नहीं होना है।
कांग्रेस नेता शिव डहरिया ने अरुण साव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, दिलीप सिंह जूदेव का भाजपा ने जीते जी सम्मान नहीं किया। किसी नेता का भाजपा ने इतना अपमान नहीं किया, जितना जूदेव का किया है। ये एक ही जाति के पीछे क्यों पड़े हैं। भाजपा जानबूझकर धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करती है, जिससे प्रदेश में हमेशा अशांति का माहौल बना रहता है। कानून व्यवस्था की स्थिति भी इसलिए खराब है। उप मुख्यमंत्री साव के हरेली त्योहार को लेकर दिए बयान पर डहरिया ने कहा, कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की परंपरा और तीज त्योहारों को बढ़ावा देने का काम किया। हरेली किसानों और प्रदेश का पहला त्योहार है। अरुण साव पैदा नहीं हुए थे, तब से ये परंपरा चल रही है। इन परंपराओं को हम आगे बढ़ाना चाहते थे, इसलिए हर साल हमारी सरकार में इस त्योहार को धूमधाम से मनाया गया। भाजपा जानबूझकर इस तरह के बयान देती है।
Updated on:
23 Jul 2025, 7:10 PM IST
Published on:
23 Jul 2025, 7:10 PM IST
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