
8 साल से मंचीय प्रस्तुति दे रही हैं पूनम, मिला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
लकवे से पति की और बेटे की हृदय रोग से मौत के बाद आर्थिक परेशानी से जूझ रही लोक गायिका राजनांदगांव की पूनम तिवारी को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2022 फोक म्यूजिक कैटीगरी से नवाजे जाने की घोषणा की गई है। छत्तीसगढ़ी की पंडवानी गायिका समप्रिया पूजा को उत्साद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार 2022 से नवाजा जाएगा। पूनम तिवारी 8 साल की उम्र से पूनम मंचीय कार्यक्रम देने लगी थीं। मां के साथ नाचा प्रोग्राम में जाती थीं। लोक कलाकार के तौर पर उनकी परवरिश दाऊ मंदराजी, रामलाल और मदन कुमार जैसे कलाकारों के बीच हुई। दुर्ग में प्रोग्राम देते वक्त नाट्य सम्राट हबीब तनवीर की नजर उनकी कलाकारी में पड़ी और उन्होंने पूनम को नया थिएटर ग्रुप में जोड़ लिया। पूनम ने लगभग 30 साल तक हबीब तनवीर के कई नाटकों में काम किया। पूनम कहती हैं जब तक जिंदा हूं गाती रहूंगी क्योंकि ईश्वर में मुझे इसी काम के लिए भेजा है।
आय के अन्य साधन होने चाहिए
पूनम कहती हैं, हमारे परिवार ने सिर्फ कला में ध्यान दिया। एक वक्त ऐसा भी आया जब पति के इलाज के लिए हमें चंदा करना पड़ा। मैंने पढ़ाई नहीं की है, बच्चे भी ज्यादा पढ़ नहीं पाए। कला की सेवा करना अच्छी बात है लेकिन आपके पास आय के अन्य साधन भी होने चाहिए। सिर्फ कलाकारी के भरोसे जीवन नहीं चल सकता।
बेटे ने की थी जत्थे की शुरुआत
पति के गुजरने के बाद बेटा सूरज कला जत्था में जाने लगा था। टीवी रियलिटी शो के जरिए गायकी शुरू हुई। जो अब तक चल रही है।
Published on:
29 Feb 2024 12:15 am
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