
Pre-Monsoon: मानसून सुकमा पहुंच चुका है। मानसून की एंट्री से प्रदेश के कई इलाकों में दिन भर बादल छाए रहे और शाम होते ही 80 से 100 किलो मीटर प्रतिघंटा (Pre-Monsoon) की रफ्तार हवाएं चलीं। इससे बाद कुछ इलाकों में तेज वर्षा दर्ज की गई। तेज हवा के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली की खंभे गिर गए।
रायपुर के अमलीडीह के कुछ मकानों की छत उड़ गई। मौसम विशेषज्ञ इसे प्री-मानसून का असर बता रहे हैं। बरिश के बाद गर्मी का असर कम हो गया है। बारिश के बाद पारा 5 से 6 डिग्री तक गिर गया। आज यानि (सोमवार -10 मई) प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने तथा वज्रपात हो सकता है।
दक्षिण पश्चिम मानसून सुकमा, हरनाई, बारामती, निजामाबाद, मलखानगिरी, विजयनगरम और इस्लामपुर है। दक्षिण पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर के शेष भाग, महाराष्ट्र के कुछ और भाग और छत्तीसगढ़, तेलंगाना में अगले दो-तीन दिनों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बिहार के ऊपर 0.9 किलोमीटर (Pre-Monsoon) ऊंचाई तक फैला है। एक विंड शियर जोन 18 डिग्री उत्तर में 3.1 किलो मीटर से 7.6 किलोमीटर तक फैला है। सोमवार को एक दो स्थानों पर वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
जिला - अधि. - न्यू.
रायपुर - 40.5 - 26.7
अंबिकापुर - 40.4 - 26.6
बिलासपुर - 38.6 - 25.2
पेण्ड्रारोड - 38.1 - 23.8
जगदलपुर - 36.2 - 25.0
दुर्ग - 39.9 - 27.4
यहां हुई बारिश
बोड़ला 12.6 एमएम
मैनपाट 3.1 एमएम
कांकेर 2.5, एमएम
बगीचा 25.2 एमएम
बिलासपुर 12.0 एमएम
मस्तुरी 30.0 एमएम
बिल्हा 35.0 एमएम
चारामा 15.6 एमएम
छुईखदान 7.2 एमएम
प्रतापपुर 13 एमएम
पेंड्रारोड 85.9 एमएम
बस्तर संभाग में कई स्थानों में जमकर बारिश भी हुई। इस बीच धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक से बाढ़ की पहली तस्वीर सामने आई है। दरअसल शनिवार की रात नगरी क्षेत्र के पहाड़ी और उड़ीसा क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। पहाड़ी से यह पानी 10 से 12 घंटे बाद नीचे उतरा। इससे सोंढूर नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए। रिसगांव के इस नदी में घुटने तक पानी भर गया। सुबह जब लोग राशन सहित अन्य काम से निकले तब उन्हें जानकारी हुई।
ग्रामीण दुलचंद नेताम,दयाराम पटेल,कंवरलाल ने बताया कि वे सभी राशन लेने जब सुबह 9 बजे रिसगांव से निकले तब नदी पूरी तरह से सूखी थी। वापस 11.45 बजे लौटे तो नदी में बाढ़ आ गया था। जैसे - तैसे नदी पार किए। नदी में कई बाइक भी फंस गए थे,जिसे लोगों की मदद से निकाला गया। ग्रामीणों ने बताया कि (Pre-Monsoon) हर साल बारिश में रिसगांव कट जाता है।
Updated on:
10 Jun 2024, 11:00 AM IST
Published on:
10 Jun 2024, 9:00 AM IST
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