
रायपुर। राजधानी में भू-माफियाओं ने अवैध प्लाटिंग के लिए नया तरीका निकाला है। वे ग्राम एवं नगर निवेश विभाग से लेआउट एप्रूवल कराकर उससे कई गुना जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। शिकायत के बाद कलेक्टर ने एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक भूमाफिया टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से तीन से चार एकड़ का लेआउट एप्रूवल के लिए आवेदन देते है और अनुमति मिलते ही इस जमीन के अलावा आसपास और पीछे की 20 से 22 एकड़ जमीन पर खुलेआम अवैध प्लाटिंग कर मोटी कमाई करते हैं। इसी तर्ज पर पुराना धमतरी रोड, सेजबहार के पास टेकारी में बिल्डर द्वारा प्रशासन और आम लोगों को झांसा दिया जा रहा है। पत्रिका को मिली जानकारी के मुताबिक बिल्डर ने तीन एकड़ का लेआउट प्लान एप्रूवल करवाया है लेकिन तकरीबन २२ एकड़ में प्लाटिंग की जा रही है। लेआउट वाले प्लाट को साढ़े आठ सौ रुपए वर्गफिट में और बिना लेआउट वाले प्लाट को 500 रुपए वर्ग फिट के हिसाब से बेचा जा रहा है।
लेआउट एप्रूवल का झांसा
पत्रिका ने पड़ताल में पाया कि बिल्डर द्वारा लोगों को ब्रोशर के माध्यम से अवैध प्लाटिंग की जानकारी नहीं जा रही है। पूरा 22 एकड़ एरिया को लेआउट एप्रूवल बताया जा रहा है। इस धोखे में आकर लोग प्लाट खरीद रहे हैं, जिन्हें बाद में परेशानी होना तय है।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
टीएनसी के अधिकारी-कर्मचारी खुलेआम हो रहे अवैध निर्माण और प्लाटिंग को नजरअंदाज कर रहे हैं। इस वजह से नोटिस मिलने के बाद भी अवैध प्लाटिंग जारी है। लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध प्लाटिंग को रोका नहीं जा रहा है। जानकारों का कहना है कि शहर में हो रहे अवैध निर्माण को नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों का संरक्षण है। इनकी साठगांठ के चलते रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) का मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है।
जिन जगहों पर अवैध प्लाटिंग हो रही है, उन सभी जगहों पर कार्रवाई के निर्देश एसडीएम को दिए गए हैं। कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
- डॉ.एस.भारतीदासन, कलेक्टर, रायपुर
Published on:
03 Feb 2021 01:27 am
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