
रायपुर । कोरोना संक्रमण काल में निजी स्कूलों की मनमानी पालकों को दोहरी मार दे रही है। जिले में स्कूल का संचालन करने वाले संचालकों ने कोरोना काल में पिछले सत्र की अपेक्षा इस सत्र फीस की बढ़ोतरी की है। फीस बढ़ोतरी का कारण जिम्मेदार स्कूल खर्च बता रहे हैं।
स्कूलों की इस मनमानी पर पालकों का कहना है कि कोरोना काल में आय कम हो गई है और स्कूल प्रबंधन शत प्रतिशत फीस मांग रहे है। ऑनलाइन पढ़ाई के बावजूद स्कूल प्रबंधक अपनी मनमानी कर रहे है। पालको का कहना है, कि स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर शिक्षा विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। बच्चों के भविष्य के चलते पालक अपनी जेब कटवाने के लिए मजबूर है।
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सभी शुल्क लिया जा रहा इस सत्र
पत्रिका को सूचना देने वाले पालकों की माने तो इस शिक्षा सत्र निजी स्कूल के संचालक ने ट्यूशन फीस के अंदर ही सभी शुल्क को जोड़ दिया है। कागजों में हेराफेरी करके स्कूलों के संचालक शत प्रतिशत फीस मांग रहे है। पालक किसी तरह की शिकायत ना करे, इसलिए स्कूल प्रबंधक एक फार्म साइन करवा रहे है, ताकि भविष्य में पालकों पर दबाव बनाया जा सके।
जिले के 80 प्रतिशत स्कूलों ने बढ़ाई है फीस
पालकों ने बताया कि जिले के अधिकांश स्कूलों ने इस सत्र फीस बढ़ा दी है। शुल्क बढ़ाने से पहले फीस समिति की इजाजत ना लेने का आरोप पालको ने लगाया है। पालको का कहना है कि स्कूल प्रबंधन अपनी मनमर्जी चला रहे है। स्कूल प्रबंधकों की इस मनमानी पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार मौन सहमति दे रहे हैं।
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जिले में 887 निजी स्कूल
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो रायुपर जिले में 887 निजी स्कूल है। स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर लगाम लगे, इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक ने प्रदेश भर के जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की मान्यता जांचने और शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लॉकडाउन में यह जांच धीमी पड़ गई और इससे स्कूल प्रबंधकों को मनमानी करने की छूट मिल गई। स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की मानें तो पालक लिखित शिकायत नहीं करते, इस वजह से भी कार्रवाई करने में समस्या आती है। लॉकडाउन के बाद स्कूलों की जांच करने और मनमानी करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करने की बात स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने दोहराई है।
फीस समिति से अनुशंसा कराकर और स्कूल शिक्षा विभाग को सूचना देने के बाद ही निजी स्कूल प्रबंधन फीस बढ़ा सकेंगे। फीस समिति जो बढ़ोतरी तय करेगी, वहीं अंतिम होगा। जिन स्कूल प्रबंधनों ने फीस समिति की अनुशंसा के बावजूद ज्यादा शुल्क बढ़ाया है, उनके खिलाफ विभाग को कार्रवाई करना चाहिए और हम पूरा सहयोग करेंगे।
- राजीव गुप्ता, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
स्कूलों की फीस को लेकर पालकों को समस्या है, तो वे लिखित शिकायत करें। हम जांच करने के बाद स्कूलों पर कार्रवाई करेंगे। लॉकडाउन खत्म होने के बाद मान्यता को लेकर स्कूलों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान सभी शिकायतों को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- अशोक नारायण बंजारा, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर
Published on:
6 May 2021, 1:36 AM IST
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