
शूटिंग के दौरान टीम के साथ बैठे आनंद।
ताबीर हुसैन@ रायपुर.कहते हैं किसी काम को करने की ठान लो तो रास्ते खुद ब खुद बनने लगते हैं। ऐसी ही कहानी है यूट्यूबर आनंद दास मानिकपुरी की। फिल्म की स्क्रीप्ट लेकर प्रोड्यूसर्स के चक्कर काटे। किसी ने रुचि नहीं ली। आखिकर आनंद ने खुद की फिल्म बनाने की सोची। अब तक जितना भी यूट्यूब से कमाया था सारा कुछ फिल्म मेकिंग में झोंक दिया और छत्तीसगढ़ी फिल्म सरई बना दिया। आनंद ने बताया, मेरे चार चैनल हैं। चारों मिलाकर लगभग 1.5 मिलियन सब्सक्राइबर हैं। म
एक झटके में छोड़ी नौकरी
आनंद ने बताया, मैंने मैकेनिकल में बीई किया है। कुछ साल प्रोजेक्ट इंजीनियर के तौर पर काम किया। मैं शुरू से कुछ अलग करना चाहता था। एक दिन ऑफिस में बैठे-बैठे तय किया कि खुद का यूट्यूब चैनल खोल लेना चाहिए। इसके बाद नौकरी से रिजाइन दिया और कॉमेडी वीडियो बनाने लगा।
टीम वर्म है फिल्म मेकिंग
फिल्म मेकिंग टीम वर्क होता है। पूरी टीम को साथ लेकर चलना आसान नहीं होता। लोकेशंस तलाशना भी बड़ी चुनौती रही। मोबाइल के लिए वीडियो बनाना सरल होता है लेकिन पर्दे के लिए उसी तरह के विजन की जरूरत होती है।
Published on:
05 Jul 2023 10:34 pm
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