
आवेश तिवारी/रायपुर. छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ संवाद के लोकार्पण में एक करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च किये जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिछले वर्ष लोकार्पण के मौके पर अधिकारियों ने केवल 3 डी वीडियो प्रोजेक्शन के लिए 34 लाख रूपए खर्च कर दिए गए।
'पत्रिका' के पास मौजूद दस्तावेजों से पता चलता है कि उक्त आयोजन में जो रंग-बिरंगे झंडे लगाए गए थे वह 1 लाख 20 हजार रुपए के थे। वहीं, फूलों के तोरण पर भी एक लाख से ज्यादा की रकम खर्च कर दी गई। दस्तावेजों से पता चलता है कि उक्त आयोजन में केवल संवाद बिल्डिंग की सजावट के लिए 14 लाख रुपए से ज्यादा की रकम खर्च की गई।
चौंकाने वाली बात यह रही कि विभाग ने पहले कंपनी को ठेका दे दिया और उसकी स्वीकृति कार्यक्रम की समाप्ति के बाद ली गई। जानकारी मिली है कि लोकार्पण समारोह में खर्च की गई इस रकम की जांच के लिए विभाग ने आर्थिक अपराध शाखा को पत्र लिखा है।
काम कराकर पूरी की गई औपचारिकता
पूर्व सरकार में जनसंपर्क विभाग द्वारा की गई फिजूलखर्ची और अनियमितताओं की परत दर परत सामने आने लगी है। दस्तावेजों से पता चलता है कि पिछले वर्ष 27 अप्रैल को लोकार्पण समारोह में एक स्थानीय कंपनी व्यापक इंटरप्राइजेज को 50 लाख से ज्यादा का काम सौंपा गया। इसमें 34 लाख 81 हजार रुपयों में प्रोजेक्शन मैपिंग कराई गई। वहीं 16 लाख 73 हजार में इवेंट मैनेजमेंट का काम कराया गया।
26 मई को लेकर जो नोटशीट चलाई गई उसमे साफ़ कहा गया कि ये कार्य कार्येत्तर स्वीकृति की उम्मीद से कराया गया। दस्तावेज बताते हैं कि लोकार्पण समारोह में जो एलइडी लगाईं गई थी, उसका किराया 850 रूपए और मेटल लाइट का 900 रुपए वसूला गया। 3डी प्रोजेक्शन के अत्यधिक मूल्य को लेकर जब व्यापक इंटरप्राइजेज से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
फिजूलखर्ची पर अजब-गजब जवाब
इस भारी खर्च को लेकर जब तत्कालीन अतिरिक्त सीइओ जवाहर लाल दरियो से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में काम होता है तो काम होने से पहले स्वीकृति लेना मुश्किल हो जाता है। गौरतलब है कि नोटशीट और दर की स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर भी इन्होने ही किये थे।
वहीं व्यापक इंटरप्राइजेज के एमडी मुकेश श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने हमें काम दिया, हमने कर दिया अब वो जरुरी प्रक्रिया काम के बाद करते हैं तो यह उनका निर्णय है। जब मुकेश से यह पूछा गया कि वीडियो मैपिंग के लिए और अन्य चीजों के लिए इतने ज्यादा रेट क्यों लगाए गए तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी नहीं की।
जवाहर लाल दरियो ने कहा कि जिस कंपनी को काम दिया गया वो पहले भी काम कर चुकी हैं। जल्दबाजी में औपचारिकताएं पहले नहीं हुई तो काम के बाद कराई गई।
व्यापक इंटरप्राइजेज मुकेश श्रीवास्तव ने कहा, हमें भव्य से भव्य व्यवस्था करने को कहा गया था जो हमने कर दी।
Updated on:
17 Feb 2019 03:49 pm
Published on:
17 Feb 2019 03:45 pm
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