
रायपुर: 9 दिन में पीलिया के 190 मरीज मिले, नहीं रुक रहा गंदे पानी का सिलसिला
रायपुर. कोरोना वायरस के साथ रायपुर में पीलिया भी कहर बरपा रहा है। शहर में अब तक पीलिया के 190 मरीज मिल चुके हैं और 296 संभावित हैं। राजधानी के मंगल बाजार, स्वीपर कॉलोनी, खो-खो पारा, विजय नगर, भैरवनगर, मठपुरैना, बीएसयूपी सड्डू, मस्जिदपारा मोवा समेत कई इलाकों में पीलिया का फैला हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों के 2934 घरों का निरीक्षण किया है, जहां 312 लोगों के खून की जांच कराई गई है। इसमें 190 लोग पीडि़त पाए गए हैं। सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने बताया कि घर-घर जाकर निरीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने काम्बेट टीम का गठन किया गया है। पीलिया ग्रसित मरीजों के उपचार की व्यवस्था जिला चिकित्सालय व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में की गई है। एएनएम व मितानिन लगातार क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं और घर-घर जाकर पीडि़तों की पहचान कर दूषित पेयजल व खानपान से बचाव की सलाह दे रही हैं।
इन इलाकों में आया गंदा पानी
डंगनिया, दलदल सिवनी, मोवा, सड्डू, शांतिनगर के आसपास का इलाका, तेलीबांधा, प्रोफेसर कॉलोनी, महामाया वार्ड के पटेल नगर, ब्रम्हपुरी, खो-खो पारा, चंगोराभाठा सहित अन्य इलाका शामिल हैं।
गंदा पानी आने का सिलसिला नहीं थमा
नगर निगम की टंकियों से कुछ इलाकों में गंदा पानी आने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। फिल्टर प्लांट की खामियां दूर न होने के कारण पिछले १५ दिनों से लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है। प्लांट में फिल्टर बेड सहित अन्य खामियों को ठीक करने का काम जारी है। निगम प्रशासन का कहना है कि एक-दो दिन में गंदा पानी आने का सिलसिला बंद जाएगा। वहीं, खारुन में भाठागांव इंटेकवेल के पास गिरने वाले गंदे नाले को भी डायवर्ट कर दिया गया है। इसलिए अब सीधे गंगरेल बांध से आने वाला साफ पानी लोगों के घरों तक पहुंचेगा।
पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से ही पानी
नगर निगम की ओर से पीलिया प्रभावित इलाकों में टैंकर से ही पानी आपूॢत की जा रही है। सबसे ज्यादा टैंकर आमापारा स्वीपर कॉलोनी में भेजा रहा है। क्योंकि, यहां की पाइप लाइन को ही बंद कर नई लाइन डालने का काम चल रहा है। अभी निगम अपने टैंकरों से ही पानी आपूर्ति कर रहा है।
पीलिया एक नजर में
2934 घरों का निरीक्षण
321 लोगों की रक्त जांच
190 मिले पीलियाग्रस्त
296 संभावित मरीज
फिल्टर में जो खामियां थी, उसे काम चलाने के लिए ठीक कर लिया गया है। एक-दो में ही गंदा पानी आना बंद हो जाएगा। फिल्टर बेड को बदलने के लिए कामठी से विशेष प्रकार की रेत शीघ्र मंगाई जाएगी।
सतनाम पनाग, अध्यक्ष, जलकार्य विभाग, नगर निगम रायपुर
Published on:
13 Apr 2020 01:17 am
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