भारत के संप्रीतक के प्रदर्शन में सरकारी विभागों की लापरवाही को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। विभिन्न सरकारी एजेंसियां अक्सर अपनी लेखन सामग्री और अपने प्रकाशनों, वाहनों, सीलों, भवनों और वेबसाइट पर राज्य संप्रतीक के सिर्फ सिंहस्तंभ प्रदर्शित करते हैं और उसके नीचे देवनागरी में लिखे आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' को नहीं लिखते हैं।
इसके सही उपयोग के लिए केन्द्र गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखा है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने भी इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों और कलक्टरों को केंन्द्र सरकार का सर्कुलर भेजा है। इसमें कहा गया है कि आदर्श वाक्य के बिना राज्य संप्रतीक अपूर्ण है, उसका अपूर्ण प्रदर्शन तथा अनाधिकृत प्रयोग इस संबंध में जारी अधिनियम का उल्लंघन है।
अनाधिकृत भी कर रहे चिह्न का उपयोग
परिपत्र में कहा गया है मंत्रालय के ध्यान में यह बात भी लाई गई है कि संप्रतीक का प्रयोग करने के लिए जो अधिकृत नहीं है, वे भी अपनी लेखन सामग्री और अपने वाहनों आदि पर इसका प्रयोग कर रहे हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों को यह निर्देश दिया है कि राज्य संप्रतीक के प्रदर्शन में अधिनियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों और व्यक्तियों अथवा संगठनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।