दामिनी दिव्यांग है बचपन से ही उसके दोनों हाथ नहीं है । बावजूद इसके बचपन से आज तक हर साल दामिनी उसी रीति-रिवाज और पारंपरिक रुप से भाई को राखी बांधती है, जैसे कि दूसरी बहनें । भाई की आरती से लेकर तिलक लगाने और राखी बांधने का काम दामिनी पैरों से करती है । गौरतलब है कि बीते सत्र में दामिनी ने पैरों से ही लिखकर बारहवीं बोर्ड में टॉप-टेन में जगह बनाई थी ।