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ये क्या बोल गए IAS अलेक्स पॉल मेनन, न्यायतंत्र पर ही उठा दिया सवाल

विवादस्पद मुद्दों पर अपनी बेकाक राय सोशल मीडिया पर रखकर आए दिन सुर्खियों में रहने वाले छत्तीसगढ़ के आईएएस अफसर एलेक्स पाल मेनन एक बार फिर चर्चा में हैं।

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Ashish Gupta

Jun 21, 2016

IAS Alex Paul Menon

questions judiciary's credibility

रायपुर.
विवादस्पद मुद्दों पर अपनी बेबाक राय सोशल मीडिया पर रखकर आए दिन सुर्खियों में रहने वाले छत्तीसगढ़ के आईएएस अफसर एलेक्स पाल मेनन ने इस बार भारत की न्यायिक व्यवस्था को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है।


मेनन ने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में न्यायिक व्यवस्था को पक्षपातपूर्ण बताते हुए लिखा है कि भारत में मृत्युदंड पाए हुए लोगों के लिए बनाए गए कैदखानों में 94 फीसदी दलित या मुसलमान हैं। वहीं उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए लोगों से सवाल किया है कि क्या भारत की न्यायिक व्यवस्था पक्षपातपूर्ण है। उऩके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया।


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मेनन के पोस्ट पर प्रतिक्रियाएं

लोगों ने मेनन के इस पोस्ट पर सवाल खड़ा किया है। राहुल गुर्जर का कहना है कि पिछले दस साल में चार लोगों को फांसी की सजा दी गई, जिसमें तीन अफजल, कसाब और याकूब हैं। इन तीनों ने आतंक के रास्ते मानवता को शर्मसार किया। धनंजय चटर्जी जो ब्राह्मण है, जिसे फांसी इसलिए दी गई क्योंकि उसने नाबालिग बच्ची के साथ क्रूर तरीके से दुराचार किया। ऐसे में आपको समझ लेना चाहिए कि मुस्लिमों को ही बड़ी सजा क्यों दी जाती है।


अभिनव त्रिखा ने मेनन से पूछा वे किस आधार पर न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। इसके जवाब में मेनन ने बताया है कि गूगल में यह जानकारी है।


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गिरिश वर्मा ने कहा कि सर आप एक जिम्मेदार अफसर है। आप अगर इस तरह की बात करोगे तो शक होगा आप पर, आपके व्यक्तित्व पर। आप भारतीय संविधान पर ऊंगली उठा रहे हो जिसके कारण आप यहां पर हैं।


अक्षय बरवे ने कहा आप आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन रेयरेस्ट आफ रेयर की परिभाषा को नहीं जानते हैं। मुझे लगता है कि आप अज्ञानी हैं।


गौरतलब है कि आईएएस अफसर मेनन जेएनयू के स्टूडेंट लीडर कन्हैया के फेवर में ट्वीट कर सुर्खियों में आए थे। सरकार ने मेनन के टिप्पणी को लेकर विधानसभा में हुए जबरदस्त विरोध के बाद उन्हें कलेक्टर के पद से हटाकर मंत्रालय में पदस्थ किया था। फिलहाल वे मंत्रालय में संयुक्त सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी तथा बॉयोटेक्नोलॉजी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी चिप्स का प्रभार संभाल रहे हैं।