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रायपुर एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की उम्मीदों को लगा करारा झटका

राज्य सरकार का प्रस्ताव खारिज, सांसद बैस के सवाल पर नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा का लोकसभा में जवाब

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Chandu Nirmalkar

Aug 22, 2016

Mana airport

Mana airport

रायपुर .
माना एयरपोर्ट से दुबई, यूएसए, सिंगापुर, मलेशिया के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। हाल ही में लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा है कि रायपुर हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय यातायात की संभावनाएं कम है, इसलिए राज्य सरकार के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया है। जवाब में यह भी कहा गया है कि स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा रायपुर का उन्नयन जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए हवाई यात्रियों की अपेक्षानुरूप संख्या की संभावनाएं नहीं होने के कारण राज्य सरकार के प्रस्ताव को व्यावहारिक नहीं पाया गया।


संसद में रमेश बैस के सवाल पर राज्यमंत्री जयंत सिन्हा का जवाब

सवाल- सरकार द्वारा कितने हवाई अड्डों का उन्नयन करने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा प्रदान करने का प्रस्ताव है?

जवाब - अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नयन अनवरत प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया का निर्वाह एयरलाइंस की मांग, यातायात संभावनाओं, आर्थिक व्यवहार्यता, भूमि उपलब्धता आदि के आधार पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा किया जाता है।

सवाल- क्या छत्तीसगढ़ में रायपुर हवाई अड्डे को भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का प्रस्ताव है?

जवाब - हाल ही में इम्फाल, भुवनेश्वर आदि जैसे कुछ घोषित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यातायात में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके अलावा रायपुर हवाई अड्डे के संबंध में अंतरराष्ट्रीय यातायात की संभावनाएं भी कम हैं, तदनुसार इस प्रस्ताव को व्यवहार्य नहीं पाया गया।

सवाल - अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने के मानदंड क्या हैं?

जवाब - अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषित किया जाना यातायात संभावनाओं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रचालन के लिए एयरलाइन्स की मांग आदि पर निर्भर करती है।

मध्यम क्षमता, लंबी दूरी अथवा समान प्रकारों के विमानों के अनुरूप रन-वे की लंबाई जैसी सुविधाओं की उपलब्धता भी जरूरी है।

बड़े आकार वाले विमानों के लिए भावी आवश्यकताओं के अनुरूप रन-वे की लंबाई विस्तार की गुंजाइश होनी चाहिए।

रात्रि में विमान प्रचालन के लिए भू-प्रकाशन तथा उपकरण अवतरण प्रणाली की सुविधाएं अनिवार्य।

सीमा शुल्क, स्वास्थ्य सहित पशु एवं पौध संगरोध सेवाओं की उपलब्धता जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है।