
Raipur News: सिविल लाइन इलाके में कपड़े के एक शोरूम श्रीशिवम में लाखों की चोरी के पीछे वहां के कर्मचारी का हाथ था। उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची। चोरी का पैसा ले जाते समय वह गिर पड़ा और पैर की हड्डी टूट गई। इसी से पुलिस को उस पर शक हुआ और सभी पकड़े गए। पुलिस ने कर्मचारी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पंडरी के श्रीशिवम शोरूम में पिछले दिनों चोरी हुई थी। अज्ञात चोर बुर्का पहनकर शोरूम में घुसा। बंद होने के बाद आधी रात को गल्ले से करीब 30 लाख लेकर फरार हो गया था। सिविल लाइन पुलिस ने अपराध दर्ज किया था। क्राइम ब्रांच की टीम जांच में लगी थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पुलिस को काफी जानकारी मिल गई थी। शक के आधार पर पुलिस ने शोरूम के कर्मचारी राजेश टंडन से पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन टेक्नीकल साक्ष्य के आधार पर वह टूट गया। इसके बाद राजेश ने अपने मामा परमेश्वर बघेल उर्फ प्रेम, सुरेश कुमार दीवान और मोहनीश श्रीवास्तव उर्फ सिद्धार्थ के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। सभी युवक अलग-अलग जिले के हैं और रायपुर में किराए के मकान में रहते हैं। आरोपियों के कब्जे से चोरी के 16 लाख 89 हजार 970 रुपए, 2 कार, 1 एक्टिवा, 1 पल्सर और 4 मोबाइल सहित कुल 23 लाख बरामद किया गया है।
राजेश शोरूम के भीतर घड़ी के स्टॉल पर सेल्समेन था। बिक्री की राशि पर उसकी नजर रहती थी। उसने अपने मामा परमेश्वर के साथ मिलकर चोरी की प्लानिंग की। इसके बाद सुरेश और मोहनीश को भी शामिल किया। प्लानिंग के तहत रात करीब 9.30 बजे राजेश बुर्का पहनकर ग्राहक के रूप में शोरूम में घुस गया। शोरूम बंद होने का इंतजार किया। आधी रात को शोरूम के गल्ले से पैसे लेकर वह छत पर गया। रस्सी डालकर नीचे उतरा। इस दौरान गिरने से उसका पैर टूट गया। सभी आरोपी आसपास ही थे।
राजेश को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया फिर पैसा बांटकर सभी फरार हो गए। जांच के दौरान पुलिस को राजेश के बारे में पहले पता चला। उसका पैर टूटा हुआ था और घटना वाली रात उसका लोकेशन भी शोरूम में था। इस कारण पुलिस ने उस पर सख्ती की तो उसने खुलासा किया। पुलिस ने आरोपियों का रिमांड लिया है। उनसे बाकी रकम के बारे में पूछताछ की जाएगी।
Updated on:
07 Apr 2025 09:14 am
Published on:
07 Apr 2025 09:14 am
