
brijmohan agrwal
रायपुर. कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की पत्नी और बेटे के नाम स्वामित्व वाले फार्महाउस के लिए ली गई बेशकीमती जमीन का मालिक एक रिक्शा चालक के होने का मामला सामने आया है। पत्रिका टीम के पड़ताल के मुताबिक रिक्शा चालक आदिवासी अभिमान सुनानी के रायपुर के बैरन बाजार में होने की जानकारी लगी। 'पत्रिकाÓ टीम के वहां पहुंचने पर बताया गया कि सुनानी वर्ष 2011 में बैरन बाजार के पास जिस स्थान पर रहता था, वहां एक झोपड़ी थी और वह अब नहीं है। उसके पास मौजूद किराना दुकान अब भी है।
दुकानदार के मुताबिक एक साल पहले अभिमान सुनानी के नाम से कोर्ट का नोटिस आया था, लेकिन इस नाम का शख्स वहां नहीं मिला। बताया गया, इस शख्स के नाम 9.57 हेक्टेयर की भूमि की रजिस्ट्री हुई है, जिसका खसरा नम्बर-891/1 व 891/2 दर्ज है। दस्तावेजों से जानकारी लगी कि फार्महाउस बनाने के लिए बेनामी संपत्तियों की भी रजिस्ट्री की गई है।
रजिस्ट्री के बाद फार्महाउस की रखवाली कर रहा था : जलकी के छपोराडीह के लोगों के अनुसार यह अभिमान सुनानी कई वर्षों तक फार्महाउस की रखवाली करता रहा, लेकिन जब से यह मामला उजागर हुआ है, तब से वह फार्महाउस में नहीं दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक उसे मंत्री के आवास पर काम में लगाया गया है। खरीदी के रजिस्ट्री पर पता भी अधूरा:रजिस्ट्री के कागजात में रजिस्ट्री का पता भी आधा-अधूरा है, क्योंकि इसमें सिर्फ रायपुर बैरन बाजार ही लिखा है। पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर ने बताया, जब विधानसभा में आदिवासी के भूमि के रजिस्ट्री का मामला उठाया गया था तो उसे बैरन बाजार से हटा दिया गया। इसके बाद उसे जवाब देने के लिए नोटिस जारी की गई थी, लेकिन वह नहीं मिला।
कई और बेनामी संपत्ति की रजिस्ट्री का आरोप : पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर ने आरोप लगाया, एेसी कई रजिस्ट्रियां हैं, जिनकी बेनामी खरीदी की गई। उन्होंने कहा, फार्म के नाम के अलावा कई और लोग हैं, जिनके नाम पर खरीदी की गई है, वे सभी लोग रायपुर के ही निवासी हैं। जैसा कि रजिस्ट्री के दस्वावेजों में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया, मुख्यमंत्री को सिर्फ भू-दान की जमीनें ही दिख रही हैं, बाकी वह नहीं दिख रहा है, जिसे उन्होंने गलत तरीके से पट्टे की जमीन और सरकारी भूमि पर कब्जा किया है। यहां तक कि उन्होंने छपोराडीह डैम को भी अपने फार्म हाउस के तारबाड़ में मिला लिया, जिसे किसानों ने उखाड़ फेंका। चंद्राकर ने मांग की कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सीएम को नैतिकता के आधार पर मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए।
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भूपेश बोले- संभव है रमन, अमन और सौदान का हो हाथ
उधर बिलासपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सोमवार को पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा, कृषि मंत्री के फार्महाउस का मामला वे विधानसभा के मानसून में उठाएंगे। मंत्री द्वारा लगाए गए साजिश के आरोप में बघेल ने कहा, इसमें रमन, अमन और सौदान का हाथ हो सकता है।
विधानसभा में भी गूंजेगा मामला
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मंगलवार शुरू हो रहे मानसून में कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के परिजनोंं द्वारा सरकारी जमीन खरीदने के मामले में विपक्ष पहले ही दिन सरकार पर हमला करने की कोशिश में है। यह सत्र 11 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 8 बैठकें प्रस्तावित हैं। मंगलवार को सत्र की शुरुआत केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे और पूर्व विधायक जितेंद्र विजय बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि के साथ होगी।
बर्खास्तगी की मांग लेकर राजभवन पहुंचे किसान
इधर, छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ के प्रतिनिधि कृषि मंत्री को बर्खास्त करने की मांग लेकर राजभवन पहुंच गए। महासंघ प्रतिनिधियों ने कहा, कृषि मंत्री का भ्रष्टाचार उजागर हो जाने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में रखने का कोई तुक नहीं बनता। महासंघ के डॉ.संकेत ठाकुर, प्रभाकर ग्वाल, द्वारिका साहू ने कहा, विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले मंत्री को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।
मंत्री की पत्नी को अतिक्रमण हटाने का नोटिस
महासमुद के जलकी गांव में बने फार्म हाउस के मामले में विवादों में घिरीं कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की पत्नी सरिता अग्रवाल की आदित्य सृजन प्रा.लि. कंपनी को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का नोटिस भेजा गया है। महासमुंद तहसीलदार विश्वासराव म्हस्के ने सोमवार को कंपनी की निदेशक सरिता अग्रवाल को भेजे नोटिस में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है।
Published on:
01 Aug 2017 12:01 pm
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